khabar abhi tak

हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक की नियमित जमानत खारिज



जबलपुर। थाना ओमती में दर्ज अपराध क्रमांक 374/24 के तहत भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं 420, 419, 467, 468, 471, 384, 386, 506, 406, 120बी, 34 और आर्म्स एक्ट की 25, 27 के गंभीर मामले में रिपटा बड़ी ओमती निवासी 65 वर्षीय अब्दुल रज्जाक पिता स्वर्गीय हाजी अब्दुल वहीद की नियमित जमानत याचिका आज अपर सत्र न्यायाधीश जबलपुर ने खारिज कर दी। यह कार्रवाई पीड़ित अजय पटेल की शिकायत पर की गई थी, जिसमें पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. आयुष जाखड़, नगर पुलिस अधीक्षक सोनू कुर्मी तथा थाना प्रभारी राजपाल सिंह बघेल की मॉनीटरिंग में जांच हुई। भोपाल केंद्रीय जेल में बंद इस आरोपी के खिलाफ शासन पक्ष से अपर लोक अभियोजक अनिल तिवारी ने पैरवी करते हुए जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया।

जमीन के नाम पर धोखाधड़ी और अदालती परिसर में धमकाने का आरोप

​पुलिस विवेचना के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने अपने परिजनों और साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित षड्यंत्र रचा था। उसने जमीन विक्रय के सौदे के नाम पर शिकायतकर्ता से कपटपूर्वक कुल 95 लाख रुपये अपने पास रख लिए। जब मामले की सुनवाई शुरू हुई तो आरोपी ने पेशी के वक्त न्यायालय परिसर के भीतर ही प्रार्थी को जान से खत्म करने की सीधी धमकी भी दे डाली। इस वारदात के खुलासे के बाद पुलिस ने त्वरित वैधानिक कदम उठाते हुए उसे पूर्व में ही हिरासत में ले लिया था। जेल में निरुद्ध रहने के दौरान उसने नियमित रिहाई के लिए याचिका प्रस्तुत की थी, जिसे साक्ष्यों के आधार पर नामंजूर किया गया।हिस्ट्रीशीटर आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड वर्ष 1991 से लगातार दर्ज होता आ रहा है। उसके खाते में बिना वजह राहगीरों से मारपीट, अवैध वसूली, सरेराह बलवा भड़काना, प्रतिबंधित असलहे जुटाना और हथियारों के बल पर जानलेवा हमले करने जैसे कई संगीन मामले शामिल रहे हैं। 

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak