नई दिल्ली. रेलवे में कर्मचारियों की शिकायत और आवेदनों के निपटारे के लिए अब समय सीमा तय की गई है। कर्मचारियों की परेशानी कम करने के लिए कर्मचारी चार्टर के तहत अलग-अलग कार्यों के लिए निर्धारित अवधि तय की गई है।
सिंगल विंडो सेल, सीपी-ग्राम्स व निवारण जैसे पोर्टल पर मिलने वाली कर्मचारियों की शिकायतों का निपटारा 30 कार्य दिवस में करना होगा। री-फिक्सेशन, वरिष्ठता, एमएसीपी, बकाया व पदोन्नति से जुड़े मामले भी इसके दायरे में होंगे।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार डीआरएम से व्यक्तिगत मुलाकात के लिए कर्मचारी को उसी दिन अवसर देने का प्रावधान किया है। डीआरएम के उपलब्ध नहीं होने पर एडीआरएम कर्मचारी से मुलाकात करेंगे। अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के लिए भी समय सीमा निर्धारित की है।
मंडल स्तर पर स्वीकृत मामलों का निपटारा 90 दिनों में करना होगा। वहीं, मुख्यालय की मंजूरी वाले मामलों में मंडल को 60 दिन व मुख्यालय को 30 दिन का समय दिया गया है।
स्थानांतरण एनओसी का 15 दिन में निपटारा
कर्मचारी के स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण व पारस्परिक स्थानांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) संबंधी आवेदन का निपटारा 15 कार्य दिवस में करना होगा। आवेदन को आगे बढ़ाने या खारिज करने, दोनों स्थितियों में निर्धारित समय सीमा का पालन करना होगा। चयन व उपयुक्तता के आधार पर होने वाली पदोन्नति पिछले पैनल के जारी होने के एक वर्ष के भीतर करनी होगी।
