जबलपुर। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के दिशा-निर्देश तथा कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के आदेश के तहत स्थानीय परिवहन विभाग ने आज शहर में व्यापक स्तर पर जांच अभियान संचालित किया। अधारताल मुख्य मार्ग पर आरटीओ रिंकू शर्मा एवं आरटीआई विक्रम सिंह ठाकुर के नेतृत्व में गठित अमले ने मोर्चा संभालते हुए कुल 23 यात्री बसों को रुकवाकर पड़ताल की। इस दौरान परमिट की वैधता, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा पत्र, टैक्स रसीद तथा यात्रियों की हिफाजत से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण हुआ। कागजी कमियां और सुरक्षा मापदंडों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित बस चालकों और उनके स्वामियों के खिलाफ मौके पर ही अर्थदंड लगाते हुए रसीदें काटी गईं। साथ ही समस्त संचालकों को कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई।
लापरवाह वाहन मालिकों पर विभाग ने कसा शिकंजा
अचानक शुरू हुई नाकेबंदी से वाहन चालकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अमले ने वाहनों के भीतर रखे प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, अग्निशमन सिलेंडर और आपातकालीन निकास द्वार की वास्तविक स्थिति को परखा। कई गाड़ियां निर्धारित मार्ग के विपरीत दौड़ती मिलीं, जिन पर त्वरित वैधानिक कार्रवाई की गई। यात्रियों को निर्धारित क्षमता से अधिक बैठाने तथा बिना वैध अनुमति संचालन करने वाले बस मालिकों को चिन्हित किया गया।
यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने जारी रहेगी कड़ी चेकिंग
विभागीय अधिकारियों ने सभी बस ऑपरेटरों को चालक दल का लाइसेंस दुरुस्त रखने और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से साथ रखने की हिदायत दी। व्यवस्था में सुधार न लाने वालों की गाड़ियां जब्त करने की तैयारी की गई है। प्रशासनिक दल ने साफ कर दिया कि भविष्य में विभिन्न रूटों और बस अड्डों पर यह औचक निरीक्षण अभियान बिना किसी पूर्व सूचना के निरंतर चलाया जाएगा।

