जबलपुर। पूर्व कृषि मंत्री और पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमरिया का शनिवार को शहर आगमन हुआ। पाटन में वह गौ सेवा आधारित कृषि संगोष्ठी में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपने विचार रखे और कहा कि जिस तरह से रासायनिक खाद का इस्तेमाल हो रहा है, उससे कृषि बर्बाद होती जा रही है। यदि गौ सेवा आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देना है तो लोगों को गौ पालन शुरू करना होगा। यही नहीं उनका कहना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, जिससे कि इसकी सुरक्षा हो संवर्धन हो। उनका कहना है कि सभी सरकारों से वह इसकी अपील कर रहे हैं।
जबलपुर। पूर्व कृषि मंत्री और पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमरिया का शनिवार को शहर आगमन हुआ। पाटन में वह गौ सेवा आधारित कृषि संगोष्ठी में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपने विचार रखे और कहा कि जिस तरह से रासायनिक खाद का इस्तेमाल हो रहा है, उससे कृषि बर्बाद होती जा रही है। यदि गौ सेवा आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देना है तो लोगों को गौ पालन शुरू करना होगा। यही नहीं उनका कहना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, जिससे कि इसकी सुरक्षा हो संवर्धन हो। उनका कहना है कि सभी सरकारों से वह इसकी अपील कर रहे हैं।
