जबलपुर। आगामी त्योहारों के मद्देनजर मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के मकसद से प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के आदेश पर आज खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शहर में सघन जांच पड़ताल शुरू की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता की अगुवाई में जांच दल ने आधुनिक मिल्क टेस्टिंग किट का इस्तेमाल करते हुए 2 प्रमुख प्रतिष्ठानों अधारताल स्थित कृष्णा डेरी तथा त्रिमूर्ति नगर स्थित कपिला डेरी पर आकस्मिक दबिश दी। इस निरीक्षण के दौरान दोनों ही स्थानों से दूध, मावा, पनीर, घी, क्रीम और दही के नमूने विधिवत सील किए गए। अधिकारियों ने इन सभी नमूनों को गुणवत्ता की सटीक पुष्टि के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजने की पूरी तैयारी कर ली है।
त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा
पर्व के सीजन में मिष्ठान और अन्य पकवानों की मांग तेजी से बढ़ जाती है, जिससे बाजार में अमानक स्तर की सामग्री खपाए जाने का खतरा बना रहता है। आम जनता की सेहत को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय अमले ने मौके पर ही प्राथमिक रासायनिक जांच प्रक्रिया पूरी की। अचानक हुई इस विभागीय कार्रवाई से आसपास के दुग्ध व्यवसायियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण दल ने विक्रय केंद्रों में रखे बर्तनों, भंडारण व्यवस्था और स्वच्छता मानकों का भी मुआयना किया। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि नागरिकों को शुद्ध खानपान उपलब्ध कराना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लैब से रिपोर्ट आते ही होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
राजधानी स्थित प्रयोगशाला से जांच परिणाम प्राप्त होते ही अग्रिम वैधानिक प्रक्रिया तय की जाएगी। यदि किसी भी उत्पाद में रासायनिक मिलावट या अमानक तत्वों की पुष्टि होती है, तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध सुसंगत अधिनियमों के तहत कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी सतत निगरानी रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

