बकाया न चुकाने पर छिनेगा मालिकाना हक
जबलपुर। नगर निगम सीमा क्षेत्र में बहुमूल्य भूखंडों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने सख्त कदम उठाया है। लंबे समय से लीज नवीनीकरण की निर्धारित मांग शुल्क दबाकर बैठे 28 बड़े आवेदकों को अंतिम चेतावनी पत्र थमा दिया गया है। इन सभी डिफाल्टरों पर निगम का कुल 1,14,89,916 रुपये का राजस्व बकाया दर्ज है, जिसे सरकारी खजाने में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को गति देने के लिए यह वित्तीय सख्ती लागू की गई है। अहिरवार ने प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष रखते हुए सभी बकायेदारों को अपना पक्ष स्पष्ट करने का एक मौका दिया है।प्रशासन ने दो-टूक निर्णय लिया है कि तय मियाद बीतने के बाद कोई रियायत नहीं मिलेगी। समय-सीमा में भुगतान नहीं होने पर संबंधित भूखंडों का अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द समझा जाएगा। इसके तुरंत बाद नगर निगम का अमला मौके पर पहुंचकर पुनः प्रवेश की विधिक कार्रवाई पूरी करेगा और संपत्तियों पर लाल ताला जड़कर सीधे अपने आधिपत्य में ले लेगा। इस सख्त मुहिम का सीधा असर शहर में चल रही अनधिकृत गतिविधियों और लंबे समय से जमे कब्जों पर पड़ेगा। निगम की यह प्रशासनिक कवायद केवल बकाये की वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सरकारी जमीनों पर नियम विरुद्ध तरीके से काबिज लोगों के हौसले पस्त होंगे। वित्तीय अनुशासन बहाल होने से स्थानीय निकाय को अपने दम पर नए प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध होगी।
