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जमीन पर आधा घंटा तड़पने के बाद अस्पताल
शुक्रवार की सुबह हुई इस घटना के दौरान तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग बाहर निकले। प्रत्यक्षदर्शियों ने घायल युवक को तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाने के बजाय कुछ समय तक केवल देखा। बाद में आश्रम परिसर के लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए घायल को गाड़ी में डालकर नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उनकी सांसें थम चुकी थीं। चिकित्सकों की पुष्टि के पश्चात शव को परीक्षण गृह भेजा गया ताकि मृत्यु के वास्तविक समय और आंतरिक चोटों का सही ब्योरा मिल सके।
कमरे की तलाशी में मिला टाइल्स काटने वाला ग्राइंडर
घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक और जांच दल ने मृतक के निजी कक्ष की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान बिस्तर और सामान के पास से टाइल्स काटने वाली एक ग्राइंडर मशीन बरामद हुई। पुलिस अब इस औजार की मौजूदगी के तकनीकी कारणों का पता लगा रही है कि क्या इसका उपयोग किसी निर्माण कार्य में होना था अथवा इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति जुड़ी है। बिजली मिस्त्री होने के नाते उनके पास औजारों का होना सामान्य बात भी हो सकती है, फिर भी हर पहलू का परीक्षण जारी है।
सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल और देरी पर सवाल
वृंदावन पुलिस उपाधीक्षक संदीप सिंह ने अपार्टमेंट में लगे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में ली है। रिकॉर्डिंग में रसिक दुलारी शरण हादसे से कुछ देर पूर्व सामान्य चाल-ढाल के साथ अपने कक्ष की तरफ बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। उनके चेहरे अथवा चाल से किसी मानसिक दबाव का तुरंत पता नहीं चल रहा है। पुलिस अब अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड और प्रशासन को सूचना देने में लगे 4 घंटे के समय अंतराल को केंद्र में रखकर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
