जबलपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल स्वशासी अग्रणी महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के तहत फैशन डिजाइनिंग प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्रशिक्षक जीनत खानम विद्यार्थियों को रचनात्मकता के गुर सिखा रही हैं। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी, प्रो. अरुण शुक्ल तथा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. महेन्द्र कुशवाहा ने युवाओं को व्यावसायिक कौशल अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस विशेष सत्र में डॉ. मीनाक्षी मेरावी, डॉ. बुशरा खान, डॉ. उमा भारती, डॉ. रुपाली उपाध्याय, डॉ. नीलिमा, डॉ. तरुणेन्द्र साकेत, डॉ. इरफान उसमानी, डॉ. बिजेन्द्र विश्वकर्मा तथा 37 छात्र-छात्राएं शामिल रहे। यह आयोजन छात्र वर्ग को व्यावहारिक ज्ञान देकर स्वतंत्र भविष्य निर्माण की मजबूत आधारशिला तैयार करने का एक सार्थक प्रयास है।
आधुनिक परिधान निर्माण से जुड़े प्रमुख व्यावहारिक आयाम
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में परिधान निर्माण की मौलिक प्रक्रिया समझाई जा रही है। छात्र कपड़ों की बनावट, उनकी गुणवत्ता और सही चयन के नियम सीख रहे हैं। रंगों का संतुलन किस तरह वस्त्र को आकर्षक बनाता है, इसका व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है। इसके साथ ही नए खाके तैयार करने के डिजिटल व हस्तनिर्मित तौर-तरीकों की जानकारी दी जा रही है। वर्तमान बाजार में चल रहे बदलावों और उपभोक्ता की पसंद के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की विधियां बताई जा रही हैं। प्रशिक्षणार्थियों को सिलाई, कटाई और अंतिम रूप देने के सूक्ष्म नियम समझाए जा रहे हैं ताकि वे पेशेवर स्तर पर काम कर सकें।
बाजार की मांग के अनुसार बनाएं प्लानिंग
वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में रचनात्मक कार्यों की मांग लगातार बढ़ रही है। युवाओं को अपने बुटीक, स्वतंत्र स्टूडियो और वस्त्र निर्माण इकाइयां स्थापित करने के तौर-तरीके समझाए गए। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने के अवसर तलाशने, वित्तीय योजना बनाने और स्थानीय स्तर से वैश्विक स्तर तक उत्पाद बेचने की रणनीति साझा की गई। यह पहल औपचारिक डिग्री के साथ हुनर जोड़कर आत्मनिर्भर बनने का सीधा रास्ता दिखाती है। ऐसे व्यावहारिक अनुभव से विद्यार्थियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है और वे सीधे औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार होकर अपनी आजीविका सुनिश्चित कर सकते हैं।
