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रेलवे की नई पहल : अब इंस्टाग्राम और फेसबुक रील्स पर मिलेगा स्पेशल ट्रेनों का अपडेट


जबलपुर।
रेल यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों की जानकारी देने के लिए सोशल मीडिया पर रील्स की नई पहल शुरू की है। इसकी शुरूआत उत्तर मध्य रेलवे ने की है। इसकी उपयोगिता को देखते हएु रेलवे के अन्य जोनों में लागू किए जाने की तैयारी है। 

यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों की जानकारी जुटाने के लिए अब यात्रियों को लंबे नोटिफिकेशन या पूछताछ काउंटरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उत्तर मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए सोशल मीडिया पर एक नई पहल शुरू की है। अब फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर छोटी-छोटी रील्स के जरिए भी स्पेशल ट्रेनों का पूरा विवरण सीधे मोबाइल स्क्रीन पर मिलेगा।

रेलवे ने इंटरनेट मीडिया के दौर और लोगों की पसंद को देखते हुए यह रचनात्मक बदलाव किया है। इन रील्स में ट्रेन के संचालन की तारीख, समय सारिणी और प्रमुख ठहराव की पूरी जानकारी दी जा रही है। साथ ही वीडियो में मार्ग और गंतव्य के प्रसिद्ध धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों के दृश्य जोड़कर यात्रा की पूरी रूपरेखा समझाई जा रही है।

यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों की सूचना तुरंत, आकर्षक और बेहद आसान तरीके से मिल रही है। एनसीआर के इस सफल प्रयोग को देखते हुए अब अन्य जोन भी इस पर काम कर रहे हैं, जिससे देश भर में अब रेल सेवा ऑन रील दिखाई पड़ेगी। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ शिवम शर्मा का कहना है कि इंटरनेट मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि सूचना और संवाद का केंद्र बन गया है। इन प्लेटफॉर्म पर दोनों ओर से संवाद होता है। पोस्ट पर लोग अपनी बातें रखते हैं। रील के माध्यम से संदेश आसानी के साथ लोगों तक पहुंच रहा है, इसलिए यह पहल की गई है।

ये जारी की गईं हैं रील्स

- प्रयागराज से दादरी के बीच चलने वाली इस विशेष ट्रेन का विस्तार नारायणपुर बाजार 04163-64 तक किया गया है। इसकी भी रील रेलवे के पीआर प्रोफेशनल्स ने पोस्ट की है, जो अलग-अलग इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों तक पहुंच रही है।

- कानपुर से प्रयागराज के रास्ते बेंगलुरु तक चल रही विशेष ट्रेन 04132-31 के लिए 38 सेकेंड की रील बनाई गई है। रेलवे के पीआर प्रोफेशनल्स ने तैयार की है। यात्रियों के एल्गोरिदम को यह पकड़ते हैं और ट्रेंडिंग संगीत के साथ इसे पोस्ट किया है। यह फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित होती है और यात्रियों के मोबाइल तक अपनी पहुंच बनाती है।

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