महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा 26 सितंबर को चुनाव आयोग की बैठक हुई और तीनों चुनाव आयुक्तों की ओर से संयुक्त रूप से स्पष्ट किया गया कि देशभर में चल रही एसआईआरकिसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं है। यह मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है। ऐसे में सवाल यह है कि जब देश की संवैधानिक संस्था ने स्वयं पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है, तो राहुल गांधी और कांग्रेस अब भी किस आधार पर इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं?
मीडिया रिपोर्ट के आधार पर राजनीति क्यों-
महापौर श्री सिंह ने कहा राहुल गांधी ने जिस मीडिया रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर सवाल खड़े किए, चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद उस रिपोर्ट की तथ्यात्मकता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा राजनीतिक दलों से अपेक्षा होती है कि वे किसी संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पूरी जांच करें।
संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल क्यों-
महापौर ने कहा यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा किसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हों। 2024 में ईवीएम को ब्लैक बॉक्स बताकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाया। 2019 में चौकीदार चोर है, बयान पर सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी थी।
सांसद बोले, जनता में भ्रम पैदा करना उचित नही है-
पत्रकार वार्ता में सांसद आशीष दुबे ने कहा चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर बिना पर्याप्त तथ्यों के आरोप लगाकर जनता के मन में भ्रम पैदा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। आज चुनाव आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है।
भाजपा नगर अध्यक्ष ने कहा-
भाजपा जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने कहा राहुल गांधी चुनाव जनता के बीच सेवा करने और जनमत से जीते जाते हैं, देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के मन में अविश्वास पैदा करके नहीं। अब समय है कि कांग्रेस और राहुल गांधी भी देश के सामने यह स्पष्ट करें कि वे चुनाव आयोग के सर्वसम्मत निर्णय, न्यायपालिका के निर्णय और देश की संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास करते हैं या नहीं करते है। पत्रकार वार्ता में महामंत्री रंजीत पटेल, जिला मीडिया प्रभारी रवि शर्मा, सह प्रभारी चित्रकान्त शर्मा, नरेश चौधरी उपस्थित थे।