जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अंकुश बंसल पर एक 57 वर्षीय महिला मरीज को निजी आशीष हॉस्पिटल ले जाकर सर्जरी करने और आयुष्मान योजना का लाभ होने के बाद भी 30 हजार रुपए अतिरिक्त मांगने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ नवनीत सक्सेना ने सोमवार को औपचारिक जांच समिति गठित कर दी है, जिसे 3 दिन के भीतर अपनी तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपनी है। इसके साथ ही आयुष्मान योजना के राज्य प्रभारी भोपाल के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से जुड़े विक्टोरिया अस्पताल के डॉ. केके वर्मा और मैनेजर अरुण शाह ने भी अपनी पड़ताल पूरी कर ली है।
निजी अस्पताल प्रबंधन ने वसूली के आरोप को नकारा
जांच टीम रविवार को जब संबंधित निजी चिकित्सालय पहुंची तो वहां के प्रशासनिक तंत्र से विस्तृत पूछताछ की गई। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि उक्त महिला मरीज को सीधे डॉ बंसल के माध्यम से ही भर्ती कराया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना के तहत केवल 46 हजार 700 रुपए की निर्धारित राशि प्राप्त हुई थी। प्रबंधन ने अपने स्तर से किसी भी प्रकार के अतिरिक्त शुल्क की मांग अथवा वसूली से पूरी तरह इनकार किया है। इस बिंदु से प्राथमिक जांच का दायरा सीधे सरकारी चिकित्सक की व्यक्तिगत भूमिका और मरीज के परिजनों से मांगे गए पैसों पर केंद्रित हो गया है। जांच अधिकारियों ने प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर इस शिकायत को सही पाया है।
भोपाल भेजी जाएगी रिपोर्ट, होगी कड़ी विभागीय कार्रवाई
डॉ केके वर्मा ने बताया कि रविवार की छुट्टी होने की वजह से कुछ तकनीकी बिंदुओं पर पूछताछ बाकी रह गई थी, जिसे सोमवार को अंतिम रूप देकर पूरी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय भेजी जा रही है। वहीं मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ नवनीत सक्सेना का कहना है कि शासकीय सेवा में रहते हुए इस तरह की अनियमितता और मरीजों के साथ आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गठित समिति द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद यदि लगाए गए आरोप पूरी तरह प्रमाणित होते हैं तो संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध बेहद सख्त अनुशासनात्मक और दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
