जबलपुर। ऑनलाइन साइबर ठगी के मामले कम नहीं हो रहे हैं बल्कि लोगों में जागरूकता की कमी और पुलिस का कड़ा बंदोबस्त नहीं होने से लोगों के खाते खाली हो रहे हैं। गत दिवस शहर के तीन लोगों को अपनी बातों में फंसाकर तकनीकी रूप से उनके खाते से राशि उड़ा ली गई थी। इसी प्रकार बुधवार को पांच जगहों पर साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट करके पांच लोगों को अपना शिकार बनाया। पुलिस ने पांचों की शिकायत ले ली है और मामले में छानबीन कर रही है।
खमरिया
घाना खमरिया निवासी राघवेन्द्र कुमार सिंहने लिखित शिकायत की है कि 4 सितंबर की रात लगभग 8 बजे अपने एसबीआई योनो एप का उपयोग कर रहा था। तभी मोबाइल नम्बर से कॉल आया। दूसरी ओर से कहा कि आप का योनो एप चल नही रहा है, तो उसने कहा कि काफी दिनों से उसने एप नहीं खोला है। उक्त व्यक्ति ने उससे कहा कि नया पिन जनरेट करना पड़ेगा। आप अपना अकाउण्ट नम्बर बताओ। उसने अकाउण्ट नम्बर बताया, जो पिन जनरेट नहीं हो पा रहा है। उससे एटीएम के आखिरी के 4 अंक बताने के लिये कहा। उसने एटीएम के आखिरी के 4 डिजिट बताये। कुछ देर में उसके एसबीआई अकाउण्ट से 48 हजार 532 रूपये कट गये।
माढ़ोताल
सूरतलाई निवासी अशोक पाण्डे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह गाला डेवलपर्स में साईट मैनेजर के पद पर कार्यरत है। उसका एवं उसकी पत्नी आराध्या पाण्डे के संयुक्त खाता बैंक आफ इंडिया में है। 19 सितंबर को 18-48 बजे से 20सितंबर को 19-33 बजे के बीच 4 बार में कुल 48 हजार 299 रूपये बिना ओटीपी शेयर व बिना को खोले अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके बैंक खाते से रूपये निकाल कर धोखाधड़ी की गई है। उसने सायबर सेल में शिकायत की।
गोराबजार
धोबीघाट में रहने वाले श्रवण रजक ने पुलिस को शिकायत दी कि वह किराना दुकान चलाता है। 14 सितंबर को उसका बेटा गौरांक रजक अपने मामा के फेसबुक अकाउण्ट सुनील रजक के नाम से है। मामा का स्वर्गवास हो गया था। तभी से गौरांक अपने मामा का फेस बुक चलाता है। 14 सितंबर को फेसबुक चला था। तभी बेटे ने फेसबुक फीड में एक अकाउण्ट आनलाईन शॉपिंग पेहनावा के नाम का दिखा। आनलाईन साड़ी खरीदने रील पर दिये गये मोबाइल नम्बर पर कॉल कर साड़ी आर्डर की साड़ी की कीमत 500 रूपये थी। बेटे को 16 सितंबर को आर्डर वेरीफिकेशन के लिये आपके कॉल आयेगा बताया गया। 16 सितंबर को उसकी पत्नी के मोबाइल नम्बर पर व्हाटसएप पर कॉल आया। बताया कि आपकी लोकेशन कोड अनलॉक करने के लिये आपको 1999 रूपये भेजे गये क्यूआर पर करने के लिये कहा। बेटे ने पत्नी के दूसरे मोबाइल नम्बर से जिसमें पत्नी अर्चना गूगल पे चलाती है, से बेटे ने केनरा बैंक के अकाउण्ट से गूगल पे के माध्यम से 1991 रूपये आनलाईन पेमेंट किये, जिसमें खाता धारक का नाम आरिफा बेगम है। उसने कहा साड़ी आ जायेगी तो बोले कि वेरिफिकेशन कम्प्यूटर में प्रोसेस नहीं हो रहा है। फिर से क्यूआर कोड में 2 हजार रूपये डालने के लिये कहा तो बेटे ने पुनः 2 हजार रूपये आरिफा बेगम को पेमेंट किया। इस प्रकार उसके बेटे को फसाते गये और बेटे से ट्रांजेक्शन कराता गया तीसरा ट्रांजेक्शन अलीमा खातून के अकाउण्ट में 2 हजार रूपये, चौथा ट्रांजेक्शन विनय कुमार के अकाउण्ट में 9999 रूपये, पांचवा ट्रांजेक्शन अलीम खातून के अकाउण्ट में 9160 रूपये, छटवा ट्रांजेक्शन विनय कुमार के अकाउण्ट में 7107 रूपये, सातवंा अकाउण्ट राहुल कुमार के अकाउण्ट में 2 हजार रूपये, आठवां ट्रांजेक्शन अलीमा खातून के अकाउण्ट में 2 हजार रूपये, 9 वां ट्रांजेक्शन विनय कुमार के अकाउण्ट में 2 हजार रूपये, 10 वंा ट्रांजेक्शन राहुल कुमार के अकाउण्ट में 1900 रूपये, 11 वंा ट्रांजेक्शन सरस्वती के अकाउण्ट में 25999 रूपये, 12 वंा ट्रांजेक्शन कांति करोचे के अकाउण्ट में 10 हजार रूपये, 13 वां ट्रांजेक्शन सरस्वती के अकाउण्ट में 7501 के अकाउण्ट में कुल 91 हजार 367 रूपये बेटे ने गूगल पे के माध्यम से आन लाईन पे किया। 17 सितंबर को भी उसने इस ही अकाउण्ट से गूगल पे के माध्यम से पहला ट्रांजेक्शन आईडी धु्रव सिंह 10 हजार रूपये, दूसरा ट्रांजेक्शन आईडी एमएस हैप्पी टेªडिंग कम्पनी को 23999 रूपये कुल 33 हजार 999 रूपये और फिर उसके बेटे ने अपने नाना बालकिशन रजक के नम्बर से जिसका फोन पे उसकी पत्नी अर्चना चलाती है, जिसका अकाउण्ट एसबीआई में है। जिसमें बेटे ने फोनपे के माध्यम से पे किया पहला ट्रांजेक्शन कांति करोचे के अकाउण्ट में 2 हजार रूपये, दूसरा ट्रांजेक्शन श्रीकृष्णा इंटरप्राईजेज को 17 हजार रूपये, तीसरा ट्रांजेक्शन पिंकी के अकाउण्ट 35500 रूपये कुल 54 हजार 500 रूपये फोन पे के माध्यम से घर पर ही किया है। 16 सितंबर को आर्डर किया था। आर्डर कन्फर्म करने के फिर दूसरे नम्बर से कॉल आया और उससे वेरिफिकेशन कोड मांग कर कई बार बेटे से पैसे ट्रांसफर करने के लिये कहा तो बेटे ने कई बार गूगल पे व फोनपे के माध्यम से पेमंेट कर दिया इससे कुल 1 लाख 85 हजार रूपये का ट्रांजेक्शन कर दिया है। उसके बेटे के साथ साड़ी खरीदने और पैसे वापस करने के नाम पर कुल 1 लाख 85 हजार रूपये की आनलाईन धोखाधड़ी की गई है।
ओमती
क्राईस्ट चर्च स्कूल छात्रावास केम्पस में रहने वाली अलका शाह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पति स्वप्निल शाह क्राईस्ट चर्च स्कूल छात्रावास प्रबंधक के पद पर पदस्थ है। स्थाई पता राजुल विहार मंडला रेड तिलहरी गोराबजार है। 18 सितंबर को उसके द्वारा अमेजान प्राईम जो पहले से मोबाइल में डाउनलोड है, के माध्यम से बच्ची की किताब आर्डर की थी। आर्डर रद्द कराने के लिये गूगल से कस्टमर केयर का मोबाइल नम्बर प्राप्त कर कॉल किया। उनके द्वारा व्हाटसएप मोबाइल पर कॉल कर कस्टमर सपोर्ट डाट एपीके की एप्लीकेशन तीन एमबी की फाईल डाउनलोड करवायी। उसने इंस्टाल करवाकर उसकी एटीएम की पूरी जानकारी फीड कराया। डेबिड कार्ड का नम्बर व वैधता तिथि सीवीसी नम्बर फीड किये। तत्पश्चात बोला कि आपके 299 रूपये का सब्सक्रिप्सन रद्द होने पर आपके खाते में सुबह तक वापस आ जायेगे। सुबह 8-58 बजे बैंक से मैसेज आया देखा कि उसके खाते से 29 हजार 900 रूपये निकल गये। किसी अज्ञात व्यक्ति ने कस्टमर केयर अधिकारी बनकर एप्लीकेशन के माध्यम से उसके मोबाइल का एक्सेस प्राप्त कर उसके बैंक आफ इंडिया के खाता से धोखाधड़ी कर अवैध रूप से रूपये निकाल लिये।
कोतवाली
साकार उदय में रहने वाले राजेन्द्र प्रसाद पाठक ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह व्हीकल फैक्ट्री से रिटायर्ड है। 16 सितंबर को उसके मोबाइल पर दोपहर लगभग 3 बजे अलग अलग नम्बर से कॉल आया। दूसरी ओर से अपने आप को एटीएम विभाग से बोलना बताया। उसने कहा कि आपके बैंक खाता केनरा बैंक में है। उक्त खाते से आतंकबादी संगठन में पैसा ट्रांसफर हुआ है, कहते हुये उसके व्हाटसएप नम्बर पर व्हाटसएप कॉल कर वीडियो कॉल किया। केनरा बैंक का एटीएम कार्ड एवं नोटिस सेंड किया तो वह डर गया। इसके बाद 19 सितंबर को एक नोटिस सेंड किया। व्हाटसएप वीडियो कॉल कर उसे डराया। पैसों की मांग की बोला कि गूगल पे खोलो और कहता गया जो उसने उक्त व्यक्ति के कहे अनुसार उसके यूको बैंक शाखा राइट टाउन के खाता से गूगल पे से 99 हजार रूपये सेंड कर दिये। इसके बाद बात बंद हो गयी फिर परिवार वालों को घटना के बारे में बताया। अज्ञात व्यक्ति द्वारा स्वंय को एटीएस विभाग का बताकर उसके डराकर उससे 99 हजार रूपये का सायबर फ्राड किया है।
