जबलपुर। घमापुर थाना अंतर्गत कांचघर चुंगी चौकी स्थित बरू मोहल्ला में बीती रात एक रिहायशी मकान की दीवार और छत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के वक्त पीड़िता रानू तिवारी अपने बच्चों के साथ कमरे में गहरी नींद में सो रही थीं। रात को सोते समय दीवार से अचानक प्लास्टर और मिट्टी झड़ती देख उनकी आंख खुल गई। खतरे की आहट मिलते ही रानू तिवारी ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को उठाया और तुरंत घर से बाहर की तरफ भागीं। गनीमत रही कि परिजनों के बाहर निकलते ही पूरी छत नीचे आ गिरी, जिससे परिवार की जान बाल-बाल बच गई। समय रहते बाहर निकलने से एक बड़ा और दर्दनाक हादसा टल गया।
गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर हुआ नष्ट
घर से सुरक्षित बाहर निकलते ही कमरे की पूरी छत और दीवार अचानक जोरदार आवाज के साथ जमींदोज हो गई। इस आकस्मिक घटना में गनीमत यह रही कि परिवार का कोई भी सदस्य गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। हालांकि घर के मलबे में दबने से घरेलू उपयोग का सारा सामान, कीमती फर्नीचर और खाने-पीने की पूरी सामग्री पूरी तरह बर्बाद हो गई। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक इस तबाही से पीड़ित परिवार को लगभग 2 से 3 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
आशियाना पूरी तरह जमींदोज हो जाने के बाद अब पीड़ित परिवार के सामने खुले आसमान तले रहने और सोने का भारी संकट खड़ा हो गया है। घटना बीत जाने के बाद भी स्थानीय प्रशासन या किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर सुध नहीं ली और न ही कोई राहत कार्य शुरू कराया गया। क्षेत्रीय पार्षद द्वारा केवल औपचारिक आवेदन देने की बात कहे जाने से बेघर हुए परिजनों में व्यवस्था के प्रति गहरा रोष पनप रहा है। बदहाल परिवार ने अब जिला प्रशासन से फौरी आर्थिक सहायता देने और रहने की वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग उठाई है।
