जबलपुर. मध्य प्रदेश के विभिन्न बिजली कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों अपनी मांगों को लेकर आर-पार के आंदोलन का निर्णय पिया है। कर्मचारियों ने अल्टीमेटम दिया है कि 5 अक्टूबर 2026 तक संविदा से नियमित नियुक्ति की अधिसूचना जारी न होने पर मध्य प्रदेश के 5,000 संविदा बिजली कर्मचारी आंदोलन पर उतरेंगे।
दीपावली से पहले आंदोलन की चेतावनी
यूनाइटेड फोरम फॉर पावर इंप्लाईज एवं इंजीनियर्स ने चेतावनी दी है कि 5 अक्टूबर तक नोटिफिकेशन न आने पर अक्टूबर माह में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन और 7 दिवसीय नोटिस के बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा। ऊर्जा विभाग ने 24 जुलाई 2026 को संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति देने का प्रस्ताव मंजूर किया था, जिसकी समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तय की गई थी।
प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
दो महीने बीत जाने के बाद भी जबलपुर पूर्व क्षेत्र कंपनी (नोडल एजेंसी) द्वारा कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष और अनिश्चितता है। फोरम ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन की स्थिति में संपूर्ण जिम्मेदारी ऊर्जा विभाग और कंपनी प्रबंधन की होगी।
