जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल द्वारा महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में सुरक्षित एवं सुचारु रेल परिचालन के साथ-साथ अनुरक्षण कार्यों, उत्पादन क्षमता तथा स्वदेशी नवाचारों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में पश्चिम मध्य रेल के भोपाल एवं कोटा स्थित रेल कारखानों में कोचों एवं वैगनों के अनुरक्षण कार्य उच्च गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप निरंतर किए जा रहे हैं।
मुख्य कारखाना प्रबंधकों के निर्देशन में चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम पांच माह में दोनों कारखानों द्वारा कुल 3398 कोचों एवं वैगनों का पीरियोडिक ओवरहॉलिंग (पीओएच) किया गया। इनमें सीआरडब्ल्यूएस, भोपाल द्वारा 473 कोचों तथा डब्ल्यूआरएस, कोटा द्वारा 2925 वैगनों का अनुरक्षण शामिल है।
अगस्त माह में 677 कोचों एवं वैगनों का पीओएच
अकेले अगस्त माह में पश्चिम मध्य रेल के दोनों कारखानों में कुल 677 कोचों एवं वैगनों का पीरियोडिक ओवरहॉलिंग किया गया। इसमें सीआरडब्ल्यूएस, भोपाल द्वारा 101 कोचों तथा डब्ल्यूआरएस, कोटा द्वारा 576 वैगनों का पीओएच किया गया।
पीरियोडिक ओवरहॉलिंग के दौरान किए जाने वाले प्रमुख कार्य
पीरियोडिक ओवरहॉलिंग के दौरान कोचों एवं वैगनों के विभिन्न महत्वपूर्ण उपकरणों और प्रणालियों का विस्तृत निरीक्षण, अनुरक्षण एवं मरम्मत की जाती है। प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं—
- कोचों एवं वैगनों की बॉडी तथा अंडरगियर की मरम्मत कर सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित किया जाता है।
- ट्रॉली एवं बोगी के सभी महत्वपूर्ण पुर्जों का अनुरक्षण एवं आवश्यकतानुसार मरम्मत* की जाती है।
- एयर ब्रेक सिस्टम, बफर एवं अन्य सुरक्षा संबंधी उपकरणों की मरम्मत एवं परीक्षण किया जाता है, जिससे परिचालन सुरक्षा में वृद्धि होती है।
- पहियों एवं धुरियों (व्हील एवं एक्सल) का निरीक्षण, मरम्मत एवं रखरखाव कर रेल परिचालन की सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जाता है।
अनुरक्षण कार्यों से लाभ
पश्चिम मध्य रेल के कारखानों में किए जा रहे उच्च गुणवत्ता वाले पीओएच कार्यों का सीधा लाभ यात्रियों एवं रेल उपयोगकर्ताओं को मिलता है। नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण अनुरक्षण से—
- यात्रियों को अधिक आरामदायक एवं सुगम यात्रा का अनुभव मिलता है।
- कोचों एवं वैगनों की विश्वसनीयता बढ़ती है, जिससे परिचालन अधिक सुरक्षित बनता है।
- तकनीकी फेल्युअर में कमी आने से ट्रेनों की समयपालनता बेहतर होती है और यात्रियों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलती है।
- वैगनों की बेहतर उपलब्धता से माल परिवहन की क्षमता में वृद्धि होती है। इससे उद्योगों एवं व्यापार को समय पर माल परिवहन की सुविधा मिलती है तथा लॉजिस्टिक्स व्यवस्था मजबूत होती है।
- अधिक प्रभावी रेल माल परिवहन से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है और देश की आर्थिक प्रगति में रेलवे का योगदान और मजबूत होता है।
पश्चिम मध्य रेल द्वारा अपने कारखानों में आधुनिक तकनीक, उन्नत मशीनरी एवं बेहतर अनुरक्षण प्रणालियों का उपयोग करते हुए कोचों एवं वैगनों की गुणवत्ता, सुरक्षा तथा विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा रही है। इन सतत प्रयासों से रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय, समयबद्ध एवं यात्री-अनुकूल बनाने के साथ-साथ माल परिवहन की क्षमता बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
