जबलपुर। जमीन संबंधी धोखाधड़ी के बड़े मामले में फरार चल रहे जीएसके मेंबर्स कंपनी के प्रोपराइटर रमनीत सिंह सेठी को बरेला पुलिस ने दबोच लिया है। उस पर करीब 2.44 करोड़ रुपये की जालसाजी का संगीन आरोप है। आरोपी लंबे अरसे से कानून की आंख में धूल झोंककर छिपता फिर रहा था। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 08 आपराधिक प्रकरण दर्ज थे, जिनमें बरेला थाने के 7 और गोरखपुर थाने का 1 मामला शामिल था। खुफिया तंत्र और पतारसी से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस दल ने 7 सितंबर को गोरखपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नवादा रोड पर प्रीत विहार कॉलोनी स्थित साईं मंदिर के पास घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। अदालत में पेश करने के उपरांत उसे न्यायिक हिरासत में सीधे सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
साईं मंदिर के निकट घेराबंदी कर आरोपी धराया
थाना क्षेत्र में लंबे समय से लंबित जमीन घोटालों की शिकायतों पर पुलिस लगातार नजर रख रही थी। संपत्ति की खरीद-बरोख्त में बड़े पैमाने पर हेरफेर करने के बाद जब पीड़ितों ने आवाज उठाई, तब विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे। एफआईआर दर्ज होते ही आरोपी भूमिगत हो गया था और अपनी पहचान छिपाकर ठिकाने बदल रहा था। लगातार मुखबिरों के नेटवर्क और सर्विलांस की मदद से उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। जैसे ही उसके नवादा रोड इलाके में मौजूद होने की पुख्ता खबर आई, फौरन जाल बिछाया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से आरोपी को भागने या संभलने का कोई मौका नहीं मिला और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।
पुलिस टीम की मुस्तैदी से सुलझा बड़ा मामला
इस पूरी योजनाबद्ध कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने में बरेला थाना प्रभारी निरीक्षक संगीता सिंह के नेतृत्व वाली टीम का अहम योगदान रहा। धरपकड़ अभियान में उप निरीक्षक के.पी. झारिया, उप निरीक्षक शशिकला उड़के तथा सहायक उप निरीक्षक मुकेश प्रभाकर ने रणनीति के तहत मोर्चे संभाले। वहीं मैदानी स्तर पर आरक्षक क्रमांक 2332 अविनाश और आरक्षक क्रमांक 70 रवि शर्मा की सक्रियता सराहनीय रही। इस गिरफ्तारी के बाद पीड़ितों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब जमीन संबंधी इन विवादों के अन्य कानूनी पहलुओं और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों का भी गहनता से मिलान कर रही है, ताकि न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
