जबलपुर। अधारताला थाना से चंद कदम दूर प्राचीन लक्ष्मी-नारायण पचमठा मंदिर का ताला तोड़कर नकाबपोश बदमाशों ने दानपेटी तोड़कर नगदी रुपए व जेवरों पर हाथ साफ कर दिया। चोरों ने मंदिर में घुसते ही सबसे पहले यहां पर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े फिर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने प्रतिमा भी ले जाने की कोशिश की,लेकिन नाकाम रहे। चोरी की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए, यहां तक कि केन्ट विधायक भी पहुंच गए। घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त रहा।
बताया जाता है कि अधारताल से महाराजपुर रोड पर प्राचीन लक्ष्मी-नारायण मंदिर लोगों की आस्था का केन्द्र है। यहां पर वर्ष भर धार्मिक आयोजन होते रहे है। दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। बीती रात 9.30 बजे के लगभग पुजारी ने मंदिर के गेट में ताला लगाया और घर चले गए। देर रात नकाबपोश बदमाशों ने मंदिर के गेट पर लगे ताले तोड़कर दानपेटी से नगदी रुपए व जेवरों पर हाथ साफ कर दिया। आज सुबह पुजारी मंदिर पहुंचे तो देखा कि ताले टूटे पड़ा है, दानपेटी से जेवर व नगदी रुपए गायब है। यहां तक कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी भी टूटे है। मंदिर में चोरी होने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई, देखते ही देखते सैकड़ों लोग एकत्र हो गए, जिनकी सूचना पर पहुंची अधारताल पुलिस ने डाग स्क्वाड की मदद से जांच कर चोरों की तलाश शुरु कर दी है। घटना की खबर मिलते ही केन्ट विधायक अशोक रोहाणी भी मौके पर पहुंच गए थे, जिन्होने पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर आरोपियों को जल्द पकडऩे के लिए कहा। घटना को लेकर आज सुबह से ही क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त रहा।
मंदिर में घुसते ही चोरों ने तोड़े सीसीटीवी कैमरे-
पुलिस अधिकारियों ने जांच की तो पाया कि नकाबपोश चोरों ने मंदिर में प्रविष्ठ होते ही सबसे पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए ताकि पहचान न हो सके। लेकिन चोर मंदिर तक जाते हुए दिखाई दे रहे है। क्योंकि चोरों की नजर से एक कैमरा बच गया, जिसे वे तोड़ नहीं पाए है। पुलिस अब हुलिए के आधार पर चोरों की तलाश में जुट गई है। पुलिस की तीन टीमें आसपास के इलाकों में लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
