पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शंकरलाल महतो निवासी बाकल बहोरीबंद का मोबाइल फोन बाकल बाजार से गुम हो गया था। इसके बाद 29 जून, 30 जून और 1 जुलाई 2026 के दौरान उनके बचत खाते और केसीसी खाते से 2,10,000 रुपये निकाल लिए गए। पिछले दिन पुलिस को खबर मिली कि तीन संदिग्ध झिंझरी क्षेत्र में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में लिया और बाकल थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की। जिन्होने शंकरलाल महतो का मोबाइल चोरी करने और उनके खाते से पैसे निकालने की बात स्वीकार की।
पकड़े गए गिरोह के सदस्य-
-तिवारी महतो उम्र 35 वर्ष निवासी साहिबगंज, झारखंड
-उज्जवल कुमार उर्फ डिस्को महतो 39 वर्ष
- रोनू महतो के रूप में हुई है।
एक साल से जबलपुर में किराए का मकान लेकर रहे हैं-
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि आरोपी करीब एक साल से जबलपुर के दीनदयाल चौक के पास किराए का मकान लेकर रह रहे थे। वे बाकल, सिहोरा, कटनी और जबलपुर के स्थानीय बाजारों को निशाना बनाते थे।
अब तक 14 मोबाइल फोन चोरी कर निकाले है लाखों रुपए-
गिरोह ने अब तक 14 मोबाइल फोन चोरी कर कर जबलपुर, सिहोरा, गढ़ा, लार्डगंज,बहोरीबंदी बाकल में वारदातों को अंजाम दिया है। इसके अलावाउत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी चोरी की वारदातें की हैं। आरोपियों ने पूछताछ में गिरोह के चौथे सदस्य करीम शेख उर्फ साजन निवासी मालदा, पश्चिम बंगाल के नाम का भी खुलासा किया।
ऐसे मोबाइल फोन चोरी करते थे-
पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि आरोपी बाजारों से ऐसे मोबाइल चुराते थे जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से अनलॉक किया जा सकता था। चोरी किए गए मोबाइल में सिम चालू रखकर वित्तीय ऐप्स के जरिए नया यूपीआई पिन सेट करते थे। इसके बाद पीडि़त के खाते की पूरी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।
रुपए निकालने के बाद मोबाइल फोन पश्चिम बंगाल में साथी को भेजते थे-
आरोपियों द्वारा यूपीआई से रुपए निकालने के बाद चोरी का मोबाइल मालदा (पश्चिम बंगाल) में बैठे करीम शेख को भेज देते थे और ठगी की रकम आपस में बांट लेते थे। पुलिस फिलहाल फरार आरोपी करीम शेख की तलाश में जुटी है और आरोपियों के पास से जब्त सामान और बैंक खातों की विस्तृत जांच की जा रही है।