नई दिल्ली. केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के ओवरटाइम अलाउंस को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. नए कोड ऑन वेजेस 2019 में सामान्य कार्य घंटों से अधिक काम करने पर कम से कम सामान्य वेतन की दोगुनी दर से ओवरटाइम भुगतान का प्रावधान है.
हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि हर केंद्रीय सरकारी कर्मचारी का ओवरटाइम अलाउंस अपने आप दोगुना हो गया है. लोकसभा में सरकार से पूछा गया था कि कोड ऑन वेजेस लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के ओवरटाइम अलाउंस में कोई बदलाव हुआ है या नहीं.
लोकसभा में सरकार का ये जवाब
इसके अलावा यह भी सवाल पूछा गया था कि क्या अभी ओटीए से बाहर रहने वाले गजेटेड कर्मचारियों को भी इसका लाभ दिया जा सकता है. सरकार ने स्पष्ट किया कि पात्र नॉन गजेटेड केंद्रीय कर्मचारियों का ओवरटाइम अलाउंस अभी भी संबंधित पे कमीशन की सिफारिशों और लागू सरकारी आदेशों के आधार पर तय होता है. यानी वेज कोड में दोगुनी ओवरटाइम दर का प्रावधान होने के बावजूद केंद्रीय कर्मचारियों का मौजूदा ओटीए अपने आप दोगुना नहीं हुआ है.
क्या कहता है कोड ऑन वेजेस?
कोड ऑन वेजेस, 2019 की धारा 14 में निर्धारित सामान्य कार्य अवधि से अधिक काम करने वाले कर्मचारी को कम से कम सामान्य वेतन दर की दो गुनी दर से ओवरटाइम भुगतान का प्रावधान किया गया है, लेकिन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के मामले में ओटीए की पात्रता और भुगतान अलग अलग सेवा नियमों, सरकारी आदेशों और पे कमीशन से जुड़े प्रावधानों के आधार पर तय होते हैं. इसलिए केवल वेज कोड में दोगुने ओवरटाइम का प्रावधान होने के आधार पर हर केंद्रीय कर्मचारी तुरंत दोगुने ओटीए का दावा नहीं कर सकता.
1991 के आदेश से जुड़ा है केंद्रीय कर्मचारियों का ओटीए
सरकार ने संसद में बताया कि पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रति घंटे ओटीए की दरों का ढांचा 19 मार्च 1991 के कार्यालय ज्ञापन के जरिए निर्धारित किया गया था. इसमें कुछ परिस्थितियों में ओवरटाइम भुगतान के साथ कंपनसेटरी लीव का प्रावधान भी है.
नॉन गजेटेड कर्मचारियों को क्या मिलेगा
हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि हर केंद्रीय सरकारी कर्मचारी का ओवरटाइम अलाउंस अपने आप दोगुना हो गया है. लोकसभा में सरकार से पूछा गया था कि कोड ऑन वेजेस लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के ओवरटाइम अलाउंस में कोई बदलाव हुआ है या नहीं.
लोकसभा में सरकार का ये जवाब
इसके अलावा यह भी सवाल पूछा गया था कि क्या अभी ओटीए से बाहर रहने वाले गजेटेड कर्मचारियों को भी इसका लाभ दिया जा सकता है. सरकार ने स्पष्ट किया कि पात्र नॉन गजेटेड केंद्रीय कर्मचारियों का ओवरटाइम अलाउंस अभी भी संबंधित पे कमीशन की सिफारिशों और लागू सरकारी आदेशों के आधार पर तय होता है. यानी वेज कोड में दोगुनी ओवरटाइम दर का प्रावधान होने के बावजूद केंद्रीय कर्मचारियों का मौजूदा ओटीए अपने आप दोगुना नहीं हुआ है.
क्या कहता है कोड ऑन वेजेस?
कोड ऑन वेजेस, 2019 की धारा 14 में निर्धारित सामान्य कार्य अवधि से अधिक काम करने वाले कर्मचारी को कम से कम सामान्य वेतन दर की दो गुनी दर से ओवरटाइम भुगतान का प्रावधान किया गया है, लेकिन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के मामले में ओटीए की पात्रता और भुगतान अलग अलग सेवा नियमों, सरकारी आदेशों और पे कमीशन से जुड़े प्रावधानों के आधार पर तय होते हैं. इसलिए केवल वेज कोड में दोगुने ओवरटाइम का प्रावधान होने के आधार पर हर केंद्रीय कर्मचारी तुरंत दोगुने ओटीए का दावा नहीं कर सकता.
1991 के आदेश से जुड़ा है केंद्रीय कर्मचारियों का ओटीए
सरकार ने संसद में बताया कि पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रति घंटे ओटीए की दरों का ढांचा 19 मार्च 1991 के कार्यालय ज्ञापन के जरिए निर्धारित किया गया था. इसमें कुछ परिस्थितियों में ओवरटाइम भुगतान के साथ कंपनसेटरी लीव का प्रावधान भी है.
नॉन गजेटेड कर्मचारियों को क्या मिलेगा
पात्र नॉन गजेटेड केंद्रीय कर्मचारियों का मौजूदा ओटीए नए वेज कोड के कारण अपने आप दोगुना नहीं हुआ है. कर्मचारी को पहले यह देखना होगा कि उसका पद और कैटेगरी ओटीए के लिए पात्र है या नहीं. इसके बाद ओवरटाइम की मंजूरी और लागू दर संबंधित सेवा नियमों तथा सरकारी आदेशों के आधार पर तय होगी. गजेटेड कर्मचारियों को लेकर भी सरकार ने कोई नया ओटीए लाभ घोषित नहीं किया है.
