जबलपुर EOW के अधिकारियों का कहना है कि श्वेतांक चौरसिया ने अपने पद पर रहते हुए वैध आय से करीब 400 प्रतिशत अधिक संपत्ति एकत्र की है। जिसमें सोने, चांदी के जेवर, गाडिय़ां, दुकान, मकान के अलावा बीमा पालिसियां, 4 बैंक खाते, एफडी सहित अन्य लग्जरी सामान मिले है। क्लर्क श्वेतांक चौरसिया के घर की तलाशी में एक भवन और करीब 50 लाख रुपए की दुकान खरीदे जाने की जानकारी सामने आई। जांच ये भी पता चला है कि दुकान के सौदे मे 50 लाख रुपए नकद भुगतान कि या गया है। अब लेनदेन के दस्तावेज और भुगतान के स्रोत की जांच कर रही है। रजिस्ट्री में संपत्ति की कीमत कम दर्शाए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है।
20 साल पहले मिली थी अनुकम्पा नियुक्ति-
EOW के अधिकारियों का कहना है कि श्वेतांक चौरसिया को 20 साल पहले वन विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति मिली थी। नौकरी के बाद से ही श्वेतांक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए संपत्ति एकत्र करना शुरु कर दिया था।
पत्नी के कारोबार की जानकारी शासन से छिपाई-
जांच में चौरसिया की पत्नी के ब्यूटी पार्लर का भी पता चला है। इस व्यवसाय की जानकारी कथित तौर पर शासन को नहीं दी गई थी। तलाशी में ब्यूटी पार्लर से संबंधित आयकर रिटर्न, नगर निगम या एमएसएमई पंजीयन से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलने की बात सामने आई है।