नई दिल्ली. रेलवे में अनुकंपा के आधार पर नौकरी का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। इसके तहत अब आवेदन के समय न्यूनतम पढ़ाई (शैक्षणिक योग्यता) पूरी न होने पर भी आश्रितों का नौकरी पाने का मौका खत्म नहीं होगा। पहले अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन के समय ही तय न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता होना अनिवार्य माना जाता था। इसके चलते कई बार शुरुआत में पढ़ाई पूरी न होने के कारण आश्रितों के आवेदन खारिज हो जाते थे या प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए अटक जाती थी।
रेलवे बोर्ड ने जारी नए और संशोधित आदेश के तहत इस नियम को बेहद उदार बना दिया है। नए निर्देशों के अनुसार, यदि कोई आवेदक शुरुआती आवेदन के समय तय न्यूनतम पढ़ाई पूरी नहीं भी करता है, लेकिन बाद में निर्धारित समय-सीमा के भीतर वह आवश्यक योग्यता हासिल कर लेता है, तो रेलवे उसे अनुकंपा नियुक्ति के लिए पूरी तरह पात्र मानेगा।
रेलवे बोर्ड ने इस छूट के साथ समय-सीमा का नियम भी पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। सामान्य मामलों में रेल कर्मचारी के निधन या मेडिकल अनफिट होने की तारीख से पांच वर्ष के भीतर आश्रित को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हासिल करनी होगी।
वहीं, यदि आश्रित घटना के समय नाबालिग दर्ज था, तो उसके बालिग (18 वर्ष) होने की तिथि के अगले दो वर्ष के भीतर यह पढ़ाई पूरी करनी होगी। निदेशक स्थापना (एन) यूके तिवारी ने बताया कि तय अवधि में शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने और अन्य सभी पात्रता शर्तें पूरी होने पर आश्रित को नौकरी दे दी जाएगी।
