वाराणसी. आज का दिन खगोल विज्ञान के इतिहास में यादगार रहने वाला है. 12 अगस्त, 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जो अंतरिक्ष की सबसे शानदार घटनाओं में से एक है. यह घटना तब होती है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच बिल्कुल सीध में आ जाता है और सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से पूरी तरह रोक देता है. इस दौरान दिन की रोशनी की जगह अंधेरा छा जाता है और रात जैसा माहौल बन जाता है.
इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (आईएसटी) के अनुसार, आज का सूर्य ग्रहण रात में होगा. ग्रहण 12 अगस्त को रात करीब 9:04 बजे शुरू होगा. यह रात 11:16 बजे अपने पीक पर होगा. एस्ट्रोनॉमिकल कैलकुलेशन के अनुसार यह सुबह 1:28 बजे खत्म होगा, हालांकि कुछ पारंपरिक पंचांगों में कहा गया है कि इसका असर सुबह 4:25 बजे तक रहेगा. चूंकि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक (अशुभ समय) लागू नहीं होगा.
इन सुझावों का करें पालन
सूर्य ग्रहण के दौरान गुरु मंत्र का जाप करना बहुत फायदेमंद होता है. इस समय कपड़े सिलने या काटने से बचना चाहिए.
ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलना भी ठीक नहीं माना जाता है. साथ ही, इस दौरान लोहे की चीजों या नुकीली चीजों का इस्तेमाल करना भी सही नहीं माना जाता है.
ये उपाय करें?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के दौरान वातावरण और शरीर पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव थोड़ा बढ़ जाता है. ऐसे समय में एक स्थान पर बैठकर देवता का नाम, गायत्री मंत्र या सूर्य नम: का जाप करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. ग्रहण शुरू होने से पहले दूध, पानी और पके हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डालना शुभ माना जाता है. ग्रहण के बाद स्नान करके जरूरतमंदों को चावल, गेहूं या वस्त्र दान करने से पुण्य प्राप्त होता है. इस ग्रहण का भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार, जब कोई ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देता, तो देश में सूतक काल (ग्रहण से पहले का धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण समय) लागू नहीं माना जाता है.
