घटना में घायल मोहम्मद सद्दाम हुसैन ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि गांव में ईद मिलादुन्नबी के जश्न की तैयारियां चल रही थीं। हम लोग पोर्च के नीचे बैठकर सजावट का काम कर रहे थे। पिछले तीन दिनों से गांव में बिजली नहीं होने के कारण वहां अंधेरा था। इसी दौरान टाली सजाकर रखी गई थी, जिसमें हम लोग फूल लगा रहे थे। शाम को राम रहीस जायसवाल आया, हम लोग कुछ समझ पाते इससे पहले उसने आजू पर बोतल से उड़ेल कर आग लगा दी। आजू को आग की लपटों से घिरा देख साथियों में चीख पुकार मच गई, बचाने के लिए दौड़े तो साथी भी आग की चपेट में आ गए। शोर सुनकर परिजनों सहित अन्य लोग पहुंच गए, सभी ने घायलों को उपचार के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां पर घायलों की हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद रीवा के संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में आजू की हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।
थाना में कहा पहले बयान कराओ, बाद में रिपोर्ट लिखेगें-
इस मामले को लेकर परिजन जब थाना पहुंचे तो कहा गया कि पहले बयान कराओ। इसके बाद ही रिपोर्ट लिखेंगे। मामले में लापरवाही बरतने पर लौर थाना के प्रधान आरक्षक सुरेंद्र सिंह बघेल को निलंबित कर दिया गया है। मामले की प्राथमिक जांच सात दिन में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।