जबलपुर। शहर के अंतर्गत आने वाले गंजीपुरा क्षेत्र में नगर निगम द्वारा सिर्फ 4 माह पहले 25 लाख रुपए की लागत से निर्मित सुलभ कॉम्प्लेक्स में शनिवार की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब अचानक उसकी पीओपी सीलिंग भरभराकर नीचे आ गिरी जिससे वहाँ भगदड़ व अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया और एक महिला इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गई जबकि इस घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा मौके पर पहुँचकर निर्माण कार्य की निम्न स्तर गुणवत्ता को लेकर नगर निगम पर तीखे और गंभीर आरोप लगाए तथा कहा कि उद्घाटन के समय बहुत प्रचार किया गया था लेकिन अब भ्रष्टाचार की पोल सबके सामने आ चुकी है जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
हादसे के वक्त कई लोग थे मौजूद
घटना के संबंध में आगे जानकारी यह सामने आई है कि जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त सुलभ कॉम्प्लेक्स के भीतर कई लोग मौजूद थे। अचानक छत की पीओपी सीलिंग का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन जिस समय यह सीलिंग गिरी, ठीक उसी दौरान एक महिला उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। सीलिंग गिरने के तुरंत बाद ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस कॉम्प्लेक्स की दीवारों और लेटर में भी अब जगह-जगह दरारें नजर आने लगी हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि निर्माण कार्य में किस स्तर की लापरवाही बरती गई है। लोगों का यह भी कहना है कि यदि यह हादसा थोड़ा पहले होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
नेता प्रतिपक्ष ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप जड़े
इस गंभीर घटना की खबर मिलते ही नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नगर निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि करीब 25 लाख रुपए की लागत से तैयार किए गए इस सुलभ कॉम्प्लेक्स का जब उद्घाटन हुआ था, तब नगर निगम ने इसका खूब प्रचार किया था, लेकिन मात्र 4 महीने में ही निर्माण की पोल खुल गई है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है। कार्य स्वीकृत होने के बाद राशि तो खर्च की जाती है, लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ऐसे घटिया निर्माण कार्यों की जाँच नहीं की गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने भी इस मामले की जाँच कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम की ओर से कहा गया है कि मामले की जाँच के बाद ही निर्माण में लापरवाही के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
