जबलपुर। जिला कांग्रेस कमेटी शहर जबलपुर द्वारा जानकीरमण महाविद्यालय आगा चौक जबलपुर में 23 अगस्त 2026 से भव्य निबंध एवं चित्रकला स्पर्धा शुरू हो रही है। यह साप्ताहिक आयोजन 30 अगस्त, 6 सितंबर, 13 सितंबर तथा 20 सितंबर 2026 को दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक चलेगा। स्पर्धा का मुख्य विषय भारतीय शिक्षा व्यवस्था अतीत वर्तमान एवं भविष्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राचीन गुरुकुल परंपरा, आधुनिक तकनीकी बदलावों और आगामी संभावनाओं पर विचार साझा करने का रचनात्मक मंच देना है। आयोजकों ने जिले भर के सभी स्कूलों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से कक्षा 1 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में शामिल कराने का आह्वान किया है ताकि युवा पीढ़ी में सामाजिक चिंतन का विकास हो सके।
तीन श्रेणियों में होगा प्रतिभा का मूल्यांकन
विद्यार्थियों की सहभागिता को सुव्यवस्थित करने हेतु पूरी प्रतियोगिता को 3 अलग-अलग वर्गों में बांटा गया है। वर्ग 1 में कक्षा 1 से 5 तक के नन्हे प्रतिभागी सिर्फ अपने रंगों और रेखाओं के जरिए चित्रकला में अपनी कल्पनाशीलता दिखाएंगे। वर्ग 2 के तहत कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थी रखे गए हैं, जिनके पास चित्रकला के साथ निबंध लेखन में भी हिस्सा लेने का विकल्प रहेगा। वहीं वर्ग 3 में कक्षा 9 से 12 तक के वरिष्ठ विद्यार्थी शामिल होंगे, जो दोनों विधाओं में अपनी बौद्धिक और कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। निबंध लेखन के लिए प्रतिभागियों को भाषाई स्वतंत्रता दी गई है, जिसके अंतर्गत वे हिंदी अथवा अंग्रेजी माध्यम चुनकर अपनी बात रख सकते हैं। इसके तहत डिजिटल शिक्षा, नई शिक्षा नीति और समग्र विकास से जुड़े बिंदुओं को शब्द और रंग दिए जाएंगे।
मेधावी प्रतिभागियों को मिलेंगे शानदार डिजिटल उपहार
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहारों का मनोबल बढ़ाने के लिए पुरस्कारों की विस्तृत सूची तैयार की गई है। तीनों वर्गों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले सफल छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त हर वर्ग में 5 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी भेंट किए जाएंगे। विजेताओं को दिए जाने वाले मुख्य उपहारों में लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन, साइकिल तथा स्मार्ट वॉच जैसी उपयोगी वस्तुएं शामिल हैं। आयोजक समिति का स्पष्ट मानना है कि इस प्रकार के प्रोत्साहन से बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, विषय की गहरी समझ और स्वतंत्र अभिव्यक्ति का भाव जागृत होता है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।
