हरदा. एमपी के हरदा रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) कॉन्स्टेबल की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। कॉन्स्टेबल के शरीर के 2 टुकड़े हो गए। कमर के नीचे से दोनों पैर अलग हो गए। प्राइवेट पार्ट में भी गंभीर चोटें आई हैं। हादसा रविवार 9 अगस्त की दोपहर करीब 3:45 बजे हुआ।
मृतक की पहचान लोकेश कुमार के रूप में हुई है। वह राजस्थान के रहने वाले थे। लोकेश प्लेटफॉर्म पर फिसल गए थे। इसी दौरान वे लोकमान्य तिलक-गोरखपुर-मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 20103) की चपेट में आ गए। हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
खून के छींटे और टुकड़ों में मिला शव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा अचानक हुआ। ट्रेन की चपेट में आने के बाद प्लेटफॉर्म पर जवान का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा था। घटनास्थल पर खून के छींटे और शव के टुकड़े बिखरे होने से वहां मौजूद लोग सहम गए। हादसे का दृश्य देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचना दी गई। जीआरपी मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से जुड़े साक्ष्य जुटाए। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।
बारिश के पानी से पैर फिसलने की आशंका
हादसे के समय बारिश हो रही थी। आशंका है कि बारिश के पानी के कारण लोकेश कुमार का पैर फिसल गया और वे ट्रेन की चपेट में आ गए। हालांकि, पुलिस अभी हादसे की वास्तविक वजह की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि जवान की मौत दुर्घटना में हुई या इसके पीछे आत्महत्या की कोई वजह थी। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।
भरतपुर के रहने वाले थे लोकेश
लोकेश कुमार राजस्थान के भरतपुर जिले के रहने वाले थे। उनकी उम्र करीब 30 साल थी। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक बेटी और एक बेटा है। लोकेश पिछले तीन साल से हरदा में पदस्थ थे। हरदा में किराए के मकान में रह रहे थे।
