जबलपुर। प्रधानमंत्री काॅलेज आफ़ एक्सीलेंस शासकीय महाकोशल स्वशासी अग्रणी महाविद्यालय जबलपुर के परिसर में आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के पावन अवसर पर स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत हथकरघा के क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाएं विषय पर एक भव्य व्याख्यान कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता व संभागीय समन्वयक प्रो. अरुण शुक्ल ने अपने विचार रखे और अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डाॅ.ए.सी.तिवारी ने की तथा इस महत्वपूर्ण वैचारिक और कौशल आधारित आयोजन में डाॅ. जागेश्वर प्रजापति, डाॅ. महेन्द्र कुशवाहा, डाॅ. तरुणेन्द्र साकेत और मनीष रघुवंशी की गरिमामयी उपस्थिति रही जिसमें कुल मिलाकर लगभग 89 विद्यार्थी उत्साह के साथ शामिल हुए।
सही प्रशिक्षण से होगा ज्यादा फायदा
कार्यक्रम को विस्तार देते हुए मुख्य वक्ता एवं संभागीय समन्वयक प्रो. अरुण शुक्ल ने बताया कि यह प्रदेश का पहला ऐसा महाविद्यालय है जहां हथकरघा केंद्र की स्थापना की गई है और इसके माध्यम से विद्यार्थियों को हथकरघा का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रशिक्षण के अंतर्गत विद्यार्थियों को हथकरघा का सेट-अप तैयार करने, सूत्र की पहचान करने, डिजाइन फाॅमेशन सीखने, फिनिशिंग करने तथा मार्किट पैकिंग की पूरी जानकारी दी जा रही है। इस संपूर्ण प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कला एवं रोजगार तथा स्वरोजगार की ओर उन्मुख करना है। उन्होंने आगे कहा कि हथकरघा प्रशिक्षण वोकल फाॅर लोकल एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बहुत बड़ा नीवं का पत्थर साबित होगा। भारत की यह समृद्ध हथकरघा परंपरा केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर ही नहीं है, बल्कि आज के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का एक बेहद सशक्त माध्यम भी बन चुकी है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति कौशल विकास को देती है बढ़ावा
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्राचार्य डाॅ.ए.सी.तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 कौशल आधारित शिक्षा और उद्यमिता को बहुत अधिक बढ़ावा देती है। ऐसे में हथकरघा क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार सृजन, नवाचार और आत्मनिर्भरता का एक सबसे प्रभावी और सफल माध्यम बन सकता है। आधुनिक समय में फैशन, टेक्सटाइल, डिजाइन, ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग के लगातार विस्तार से हथकरघा उद्योग के भीतर नए और अनगिनत अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं। यदि आज का विद्यार्थी आधुनिक तकनीक, नए नवाचार और उद्यमिता को अपने जीवन में अपना ले तो इस क्षेत्र में वह एक सफल कॅरियर बनाने के साथ ही अपना स्वयंभू रोजगार भी आसानी से स्थापित कर सकता है। इस प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक आयोजन के दौरान सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने हथकरघा क्षेत्र में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

