जबलपुर। देश के सबसे बुजुर्ग पूर्व नौसैनिक एक्सबी डेविड को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए नेवल आर्मामेंट इंस्पेक्टर्स जबलपुर द्वारा आयोजित विशेष समारोह में सम्मानित किया गया। 1948 में भारतीय नौसेना में शामिल होकर 12 वर्ष तक निष्ठापूर्वक दायित्व निभाने वाले डेविड 1960 में सेवानिवृत्त हुए थे। इस गरिमामय अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की ओर से प्रेषित विशेष प्रशस्ति पत्र सैन्य अधिकारियों ने उन्हें आदरपूर्वक भेंट किया। इसके अतिरिक्त जीवन के 90 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में नौसेना की आधिकारिक स्पेशल कैप भी प्रदान की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन की मंगलकामना करते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान को नमन किया और सदैव स्मरणीय रखने का संकल्प दोहराया।
पुरानी यादें साझा कर भावुक हुए डेविड
समारोह में सम्मान ग्रहण करते हुए वयोवृद्ध नौसैनिक अत्यंत भावुक हो गए। उन्होंने देश की आजादी के शुरुआती दौर में समुद्री सीमाओं पर बिताए अपने कार्यकाल के महत्वपूर्ण क्षणों को उपस्थित जनों के सामने रखा। उस समय उपलब्ध सीमित संसाधनों, कड़े अनुशासन और तकनीकी चुनौतियों के बीच किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवा से मुक्त होने के बाद भी राष्ट्र और सेना के प्रति निष्ठा जीवन भर अक्षुण्ण बनी रहती है। सैन्य अधिकारियों ने उनके इस गहरे जुड़ाव को वर्तमान पीढ़ी के लिए बेहद मूल्यवान बताया।
युवा सैनिकों को मिला राष्ट्र सेवा का संदेश
प्रतिष्ठान के अधिकारियों ने रेखांकित किया कि पूर्ववर्ती पीढ़ी द्वारा निर्मित सुदृढ़ आधार पर ही आज का आधुनिक सैन्य तंत्र सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। इस आयोजन का मूल उद्देश्य वरिष्ठ कर्मियों के त्याग को सम्मान देना और सेवारत जवानों में कर्तव्यनिष्ठा की भावना को और प्रगाढ़ करना था। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपस्थित सैन्य दल ने उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना। डेविड ने नौसेना परिवार द्वारा दिए गए इस मान-सम्मान के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया।
