सतना. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में देर रात से शुरू हुई लगातार हो रही बारिश ने शनिवार सुबह जिले के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब 14 घंटे से रुक-रुककर जारी बारिश के कारण सतना शहर की निचली बस्तियों से लेकर नागौद, बिरसिंहपुर और ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव के हालात बन गए। कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया।
सड़कें जलमग्न होने से शहर के अंदर आवागमन प्रभावित हुआ और कई मार्गों पर आवाजाही रोकनी पड़ी। उधर, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। जलस्तर तेजी से बढऩे से घाट और आसपास का बड़ा इलाका पानी की चपेट में आ गया।
शहर में घरों तक पहुंचा पानी
सतना शहर के वार्ड क्रमांक 10 के बरदाडीह में हिंदुस्तान ट्रेडर्स के पास कई घरों में पानी घुस गया। वार्ड 26-27 के बीच बना कच्चा नाला ओवरफ्लो होने से आसपास के इलाकों में पानी भर गया। खूंथी बस्ती में कुछ घरों में कमर तक पानी पहुंचने की सूचना है। प्रेम विहार कॉलोनी और पन्ना नाका-उमरी क्षेत्र में भी घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोग परेशान रहे। बारिश के कारण कोतवाली चौराहे से कलेक्ट्रेट जाने वाला मार्ग भी बंद हो गया। शहर के कई अन्य हिस्सों में सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
नागौद थाना परिसर बना तालाब
नागौद में लगातार बारिश से स्थिति गंभीर हो गई। थाना परिसर में पानी भर गया और पानी थाना भवन के अंदर तक पहुंच गया। इंदिरा नगर सहित कई इलाकों में भी जलभराव रहा। दूसरी ओर, करीब आठ घंटे से बिजली आपूर्ति बंद रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। नागौद का खजलिया तालाब भी ओवरफ्लो हो गया। कई स्थानों से पानी बहने के कारण आसपास के क्षेत्रों में खतरे की आशंका बनी हुई है।
बिरसिंहपुर के कई वार्ड डूबे
बिरसिंहपुर में बारिश का असर व्यापक है, अधिकांश वार्डों में जलभराव हुआ। वार्ड 2, 3 और 8 की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं और कई घरों में पानी प्रवेश कर गया। जिले के नदी-नाले भी उफान पर हैं।
जैतवारा-कोठी मार्ग प्रभावित
जैतवारा-कोठी-सतना मार्ग पर भी बारिश के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। मौके पर जैतवारा थाना प्रभारी मौजूद रहे। बारीअमराई-देवरा मार्ग की स्थिति भी खराब हो गई। ग्राम पंचायत उजरौधा में बाढ़ जैसे हालात बन गए और घरों में पानी पहुंच गया।
चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप
चित्रकूट में बारिश ने सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई है। देर रात हुई तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नदी के उफान पर आने से रामघाट सहित आसपास के इलाके जलमग्न हो गए। कई दुकानों में पानी भर गया और घाट किनारे रखा सामान बहने की सूचना है। रामघाट क्षेत्र में स्थिति ऐसी बन गई कि कई रास्तों पर नाव चलने लगी। एक मंजिल तक की कई इमारतें पानी की चपेट में आ गईं। चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों और वहां जाने वाले रास्तों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
एमपी-यूपी की सीमा पर सड़क बंद
यूपी-एमपी को जोडऩे वाले मार्ग पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण लोग अपने घरों और दुकानों का सामान ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। बारिश अभी जारी है, इसलिए मंदाकिनी का जलस्तर और बढऩे की आशंका बनी हुई है।
