जबलपुर। जिला अदालत में एक युवक फर्जी वकील बनकर पैरवी करने पहुंचा था। अदालत परिसर में इसकी भनक लगते ही अन्य वकीलों ने उसे घेर लिया और पूछताछ शुरू कर दी। अधिवक्ताओं ने युवक से उसकी पहचान के बारे में पूछा तो उसने अपना नाम सचिन ताम्रकार बताया और खुद को अधिवक्ता बताते हुए हाईकोर्ट बार का कार्ड दिखाया। प्रारंभिक तौर पर अधिवक्ताओं ने कार्ड पर दर्ज सदस्यता नंबर की जांच की तो हाईकोर्ट बार में उसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। संदेह बढ़ने पर अधिवक्ताओं ने सचिन को पकड़कर ओमती थाना पुलिस के हवाले किया। अधिवक्ता अरविंद दुबे की शिकायत पर पुलिस ने सचिन ताम्रकार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ओमती थाना प्रभारी राजपाल सिंह बघेल ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने के आरोप में वकीलों के दल ने सचिन ताम्रकार नाम के युवक को सौंपा है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि सचिन ताम्रकार ने गढ़ा थाना क्षेत्र के ज्योति का बोर्ड लगा रखा था। बोर्ड पर उसके नाम के साथ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय और मोबाइल नंबर दर्ज था। पूछताछ में उसने अपनी पत्नी कल्पना ताम्रकार के साथ जिला और हाईकोर्ट में वकालत करने का दावा भी किया। पुलिस वकीलों के द्वारा सचिन के पास से सौंपे गए कार्ड और फोटो की जांच कर रही है।
