khabar abhi tak

बिजली पारेषण को और मजबूत बनाने के लिए डिजिटल क्लास शुरू



जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने अपने नवनियुक्त सहायक अभियंताओं यानी एई और कनिष्ठ अभियंताओं यानी जेई की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने के लिए ऑन-लाइन टेक्निकल सेशंस का दूसरा चरण शुरू किया है। इस कार्यक्रम के पहले चरण में 100 सेशंस सफलतापूर्वक पूरे हुए थे, जिसे काफी अच्छा रिस्पांस मिला था। इस नए चरण में अधीक्षण अभियंता सुनील यादव और कार्यकारी अभियंता अभिषेक वर्मा, प्रणय जोशी तथा आर.एस. यादव ट्रांसमिशन लाइन, सबस्टेशन उपकरण, ग्रिड आपरेशन, प्रोटेक्शन सिस्टम और मेंटेनेंस टेक्निक जैसे जरूरी विषयों पर ट्रेनिंग दे रहे हैं। कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत ओझा ने बताया कि शुरुआती 4 से 5 सप्ताह यह ट्रेनिंग सिर्फ एई और जेई के लिए होगी और बाद में इसमें दूसरे नियमित अधिकारी भी जोड़े जाएंगे।

​विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है डिजिटल शिक्षा

​बिजली व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित, भरोसेमंद और बिना किसी बाधा के लगातार सुचारू रूप से चलाने के लिए उच्च स्तर की तकनीकी दक्षता बेहद जरूरी है। इसी बात को गंभीरता से ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश की इस प्रमुख ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा लगातार अपने तकनीकी कर्मचारियों को अपडेट किया जा रहा है। विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों के लंबे और व्यावहारिक अनुभव का पूरा फायदा अब नए अधिकारियों को मिल रहा है, जिससे वे मैदानी स्तर पर आने वाली तमाम तकनीकी चुनौतियों और बाधाओं का सामना बहुत ही कुशलता और आसानी से कर सकें। इस आधुनिक ऑनलाइन माध्यम से प्रशासनिक स्तर पर समय की बड़ी बचत होती है और एक साथ प्रदेशभर से कई लोग जुड़कर सभी तकनीकी बारीकियाँ सीख पाते हैं। ट्रांसमिशन नेटवर्क के रख-रखाव में किसी भी प्रकार की चूक या कोताही न हो, इसके लिए ये सेशंस बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं।

​भविष्य में अन्य कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ

​प्रशिक्षण कार्यक्रम के इस चरणबद्ध और व्यापक विस्तार से पूरी कंपनी के कामकाज में सीखने और एक-दूसरे को सिखाने की एक बेहतरीन संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है। विद्युत पारेषण प्रणाली से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और जटिल तकनीक को बहुत ही बारीकी से समझाया जा रहा है, ताकि बिजली ग्रिड में किसी भी प्रकार की आकस्मिक समस्या आने पर तुरंत और सटीक सुधार किया जा सके। कंपनी के सभी उच्चाधिकारियों का स्पष्ट रूप से यह मानना है कि तकनीकी ज्ञान को अपडेट रखने की यह अनूठी प्रक्रिया निरंतर चलती रहनी चाहिए, ताकि आधुनिक तकनीक के साथ हमेशा कदमताल किया जा सके। आने वाले दिनों में इस दूरदर्शी पहल से राज्य की पूरी विद्युत पारेषण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और उपभोक्ता-अनुकूल बनेगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak