जबलपुर। बारिश शुरू हो चुकी है। तेज बारिश में नर्मदा का जलस्तर बढ़ते ही तिलवाराघाट का छोटा पुराना पुल पानी में डूब जाता है। मौजूदा हालात में इस पुल से लोगों का आना-जाना हो रहा है लेकिन इस खतरनाक डगर पर रोकटोक करने न तो प्रशासन का अमला है और न ही पुलिस। अलबत्ता, इससे यह हो रहा है कि पुल के किनारे बनाए अवरोधों से कूद-फांदकर लोग छोटे पुल पर पहुंचकर सेल्फी, रील बना रहे हैं, जो जानलेवा हो सकती है। गौरतलब है कि पूर्व में रील बनाने में दो युवकों की जान भी जा चुकी है।
शहर में बारिश की शुरूआत होते ही लोग ग्वारीघाट, तिलवाराघाट, भेड़ाघाट, बरगी के तटों पर नर्मदा निहारने पहुंच रहे हैं। इन जगहों पर स्नान के साथ कोलाहल भी करते देखे जा रहे हैं। इन तटों पर पानी में डूबने की वजह से मौतें हो चुकी हैं, लेकिन यहां प्रशासन की ओर से ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है जिससे इन लोगों को खतरनाक स्थानों पर जाने से रोका जा सके।
सुरक्षा गार्ड नदारद
तिलवाराघाट में सुरक्षा के तहत बारिश के समय होमागार्ड के साथ पुलिस तैनात रहती है। लेकिन यह दिखावा बनकर रह गई है। जानकार कहते हैं कि तिलवाराघाट में आपातकालीन व्यवस्था के तहत रेस्क्यू सेंटर नहीं है। और न ही सतत नजर रखने के लिए होमागार्ड के जवानों की पेट्रोलिंग की जा रही है।
पुलिस कर रही खानापूर्ति
तिलवाराघाट के बारे में पंडों और स्थानीय लोगों से बातचीत में यह सामने आया है कि पेट्रोलिंग के लिए यहां थाना पुलिस आती है लेकिन इनका स्थाई प्वाइंट नहीं है। इससे हादसों के दौरान यहां मौजूद मल्लाह की मदद करते हैं।
- नर्मदा तट पर पानी बढ़ते पुलिस अलर्ट हो जाती है। पेट्रोलिंग सतत की जा रही है। छोटे पुल पर जाने से लोगों को रोकने का प्रयास किया जाता है, लेकिन चोरी-छिपे लोग वहां प्रवेश कर रहे हैं, जिसे दिखवाया जाएगा।
ब्रजेश मिश्रा, थाना प्रभारी, तिलवारा

