ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपते हुए कहा कि वार्ड नम्बर 79 पिपरिया मढिय़ाटोला स्थित खसरा नंबर 252/1 व 252/2 की शासकीय एवं कोटवारी भूमि पर नगर निगम/स्थानीय पार्षद द्वारा जबरन तार खींचकर फेंसिंग की जा रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भूमि का उपयोग वे पिछले करीब 100 वर्षों से अंतिम संस्कार (श्मशान घाट) और मवेशियों के निस्तार के लिए करते आ रहे हैं। इसके अलावा, इससे सटी खसरा नंबर 198/2 की भूमि स्कूल शिक्षा विभाग व ट्रेनिंग सेंटर के लिए आरक्षित है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना पूर्व सहमति या उचित योजना के यहां स्थायी वृक्षारोपण करने से भविष्य में स्कूल के विस्तार, खेल मैदान और सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण में आने वाले समय में दिक्कत होगी। ग्रामीणों ने यहां तक कहा कि नगर निगम द्वारा जिस स्थान पर फेंसिंग कर वृक्षारोपण कराया जा रहा है, वह ग्रामीणों के रास्ते और उपयोग की जमीन है। ग्रामीणों की मांग है कि वृक्षारोपण किसी अन्य खाली शासकीय भूमि पर कराया जाए और इस जगह पर बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल, हॉस्टल, कम्युनिटी हॉल (बारात घर) आदि का निर्माण कराया जाए। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए जल्द ही समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।