जबलपुर। लुप्त हो रही अखाड़ा संस्कृति को आधुनिक तकनीक से पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को भेजा पत्र भेजा है। पत्र में पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति को पुनर्जीवित करने और पुराने अखाड़ों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की मांग की गई है। संगठन ने बताया कि प्रदेश के पुराने एवं पारंपरिक अखाड़ों का पुनरुद्धार कर उनमें आधुनिक व्यायाम उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाएं और नई तकनीक को जोड़ा जाए। साथ ही पुराने अखाड़ों के अनुभवी उस्तादों एवं गुरुओं की पारंपरिक प्रशिक्षण पद्धति को भी संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।
संगठन का कहना है कि पारंपरिक अखाड़े केवल शारीरिक व्यायाम के केंद्र नहीं थे, बल्कि यहां युवाओं को अनुशासन, आत्मरक्षा, शारीरिक मजबूती एवं विभिन्न पारंपरिक युद्ध.कौशलों का प्रशिक्षण भी दिया जाता था। समय के साथ यह परंपरा लगभग समाप्त होने के कगार पर पहुंच गई है। इसलिए पुरानी अखाड़ा संस्कृति और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर नए स्वरूप में अखाड़ों को विकसित किया जाना चाहिए।
इस पहल में संगठन के अध्यक्ष डॉ अजय वाधवानी, भावना निगम, आशीष त्रिपाठी, डॉ अभिषेक जैन, डॉ अशोक मेथवानी, डॉ आशीष डेंगरा, डॉ प्रशांत जैन, डॉ कमल विश्वास, डॉ श्रीकांत साहू, डॉ स्नेहा मेटपानी, इस्माइल शेख शामिल रहे।