मांगों को लेकर परिसर में बढ़ा अचानक तनाव
विश्वविद्यालय परिसर में छात्र हितों को लेकर शुरू हुई बात अचानक भारी हंगामे में बदल गई। छात्र प्रतिनिधियों का मुख्य उद्देश्य डिग्री मिलने में हो रही देरी और परीक्षाओं के आयोजन से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकालना था। छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी बात बहुत ही तार्किक और व्यवस्थित ढंग से प्रशासन के सामने रखी। बातचीत के समय माहौल काफी शांत था और ऐसा लग रहा था कि समस्याओं का जल्द निपटारा हो जाएगा। हालांकि वार्ता समाप्त होते ही घटनाक्रम तेजी से बदला। प्रशासनिक भवन के बाहर पहले से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी संघ ने सहयोग की अपील की। छात्रों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत अपना समर्थन घोषित कर दिया। इसके बाद परिसर का माहौल एकाएक गर्मा गया और टकराव की स्थिति बनने लगी।
धरना स्थल पर मारपीट का वीडियो आया सामने
समर्थन की घोषणा के बाद प्रशासनिक भवन परिसर में अप्रत्याशित घटना घटी। आरोप है कि आला अधिकारियों की शह मिलने के बाद कुछ कर्मचारी आक्रामक रुख अपनाते हुए धरना स्थल की तरफ बढ़े। वहां पहुंचकर उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बदसलूकी और हाथापाई होने लगी। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार आरोपियों ने बिना किसी डर के वहां तीखी बयानबाजी की और बल प्रयोग किया। इस पूरी घटना से जुड़ा फुटेज अब सामने आ चुका है, जिसमें पूरे घटनाक्रम की सत्यता स्पष्ट नजर आ रही है। फुटेज सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के बाद से ही परिसर में भारी रोष व्याप्त है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। छात्र संगठन और कर्मचारियों ने इस व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है।
