जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में प्रवेश व्यवस्था गंभीर संकट से जूझ रही है, क्योंकि पूर्व प्रवेश प्रभारी आचार्य प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह के 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने के बाद बीते 2 सप्ताह से यह महत्वपूर्ण पद पूरी तरह रिक्त पड़ा है। बिना किसी जिम्मेदार अधिकारी के 14 अगस्त तक दाखिला प्रक्रिया संचालित होती रही, जिसके कारण अंतिम दिन विभिन्न शिक्षण विभागों के पाठ्यक्रमों में नया पंजीयन कराने वाले अनेक छात्र-छात्राओं के दस्तावेज सत्यापन और सीट आवंटन का कार्य अधर में लटक गया है। विश्वविद्यालयीन ऑनलाइन पोर्टल पर तकनीकी विकल्प प्रदर्शित न होने की वजह से शिक्षण विभाग आगे की जरूरी कार्यवाही नहीं कर पा रहे हैं और नए आवेदक मार्गदर्शन के लिए परिसर के लगातार चक्कर काट रहे हैं।
पोर्टल की तकनीकी खामी से विभागीय काम ठप
शिक्षण विभागों के पास उच्च स्तर से कोई लिखित दिशा-निर्देश न होने के कारण प्राध्यापक भी विद्यार्थियों को स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इस तकनीकी अड़चन को दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर प्रबंधन एजेंसी से समय पर तालमेल नहीं बनाया गया। संस्थान को नए मुखिया की विदाई तिथि पहले से ज्ञात थी, फिर भी समय रहते अतिरिक्त प्रभार न सौंपना बड़ी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। यदि तुरंत समाधान नहीं निकला तो आगामी पूरे शैक्षणिक सत्र का समय चक्र बुरी तरह प्रभावित होगा।
