इटारसी. नैनपुर से इंदौर के बीच चलने वाली पेंचवैली एक्सप्रेस ट्रेन के बी2 एसी कोच में बुधवार 5 अगस्त की तड़के 4 बजे आग लग गई। कोच में अचानक धुआं निकलने से हड़कंप मच गया। ट्रेन रोककर यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया। कोच में करीब 72 यात्री सफर कर रहे थे। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थे।
घटना पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के इटारसी से पहले पोला पत्थर स्टेशन की बताई जा रही है। गाड़ी नंबर-19344 पेंचवैली एक्सप्रेस भोपाल की ओर आ रही थी। बी2 कोच फुल था और यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। धुआं फैलने से उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एसी के पैनल से धुआं निकल रहा था। तुरंत चेन खींचकर ट्रेन रोकी गई।
कोच में धुआं भर गया, फायर अलार्म बजा
यात्रियों ने बताया कि एसी पैनल में आग लगने के बाद उससे चिंगारियां निकलने लगीं। फायर अलार्म बजने लगे और लाइट बंद-चालू होने लगी। इससे यात्री घबरा गए। बाहर निकलते समय वे हड़बड़ी में बिना सामान के ही उतर गए। हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे के करीब 35 अधिकारी-कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने जांच के बाद ट्रेन को आगे बढऩे की परमिशन दी। घटना के बाद बी2 कोच के सभी यात्रियों को आसपास के कोच में शिफ्ट किया गया। इसके बाद वे इन्हीं कोच में सवार होकर आगे का सफर कर रहे हैं।
किराए का अंतर लौटाएगा रेलवे
रेलवे ने कहा है कि जिन यात्रियों को थर्ड एसी के बजाय स्लीपर या दूसरी श्रेणी में यात्रा करनी पड़ रही है, उन्हें किराए का अंतर वापस मिलेगा। इसके लिए टीटीई संबंधित यात्रियों को प्रमाण-पत्र देगा। यात्रा पूरी होने के बाद यात्री तय प्रक्रिया के तहत रिफंड प्राप्त कर सकेंगे।
