जबलपुर। जबलपुर जिले में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की पेंशन फाइलें कार्यालयों में बेवजह अटकाए जाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच शासन ने बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल के माध्यम से ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों के निराकरण हेतु हर स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की सीधी जवाबदेही तय कर दी है। नई व्यवस्था के तहत नवीन पेंशन, पुनरीक्षित पेंशन और वेतन निर्धारण से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए क्रिएटर, वेरीफायर और एप्रूवर के स्तर पर अधिकतम कार्य दिवस निर्धारित कर दिए गए हैं। तय समय सीमा में फाइल आगे न बढ़ाने या अनावश्यक देरी करने पर संबंधित जिम्मेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हर स्तर पर पांच दिन में निपटेगी फाइल
प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार किसी भी नए पेंशन मामले को क्रिएटर, वेरीफायर और एप्रूवर के 3 स्तरों से गुजरना होगा। इसके लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकतम 5-5 कार्य दिवस का समय तय किया गया है, जिससे संपूर्ण प्रक्रिया कुल 15 कार्य दिवसों में पूरी हो जाएगी। पहले कर्मचारियों को महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब ऑनलाइन ट्रैकिंग के जरिए यह साफ रहेगा कि फाइल किस पटल पर कितने समय से लंबित है।
संशोधन और वेतन निर्धारण के नियम तय
पुनरीक्षित पेंशन मामलों के त्वरित निराकरण के लिए क्रिएटर को अधिकतम 4 कार्य दिवस जबकि वेरीफायर तथा एप्रूवर को 3-3 कार्य दिवस का समय मिलेगा, जिससे यह काम 10 कार्य दिवस में संपन्न होगा। इसी तरह वेतन निर्धारण से संबंधित प्रकरणों में क्रिएटर को 5 दिन तथा वेरीफायर और एप्रूवर को 3-3 दिन में प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसके लिए कुल 11 कार्य दिवस नियत हैं। इसके अलावा आगामी महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के अग्रिम पेंशन प्रकरण पहले ही तैयार किए जाएंगे, ताकि रिटायरमेंट के अगले ही दिन से नियमित पेंशन भुगतान बिना किसी रुकावट के शुरू हो सके।
