जबलपुर। शहर में बिजली विभाग ने बकाया वसूली के लिए एक बिल्कुल अनूठा और कड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को शहर भर में व्यापक अभियान चलाया। अधीक्षण अभियंता सिटी संजय अरोरा के नेतृत्व में विभाग ने फील्ड में होने वाले विवाद और रात में अवैध रूप से दोबारा लाइन जोड़ने की समस्या से निपटने के लिए ट्रांसफार्मर के स्तर पर ही फेस बदलकर 2000 आदतन बकायेदारों की बत्ती गुल कर दी। इस विशेष कार्रवाई के तहत पूर्व, उत्तर, दक्षिण, पश्चिम और विजयनगर संभाग के अंतर्गत आने वाले मछली मार्केट गुरंदी, टेड़ीनीम मदारटेकड़ी, भरतीपुर चर्च, मोहनिया सामुदायिक भवन, प्रभात नगर, चमन नगर, शिवराजपुर ललपुर, भिटौली तथा उजारपुरवा जैसे इलाकों को चिन्हित किया गया। इन क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर लगभग 1 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। विभाग ने नियमित बिल भरने वालों को सुरक्षित रखते हुए बकायेदारों की सप्लाई सीधे ट्रांसफार्मर सर्किट बंद करके काट दी है, जिनके खिलाफ सितंबर के पहले हफ्ते से कुर्की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
ट्रांसफार्मर पर फेस बदलकर बंद की गई सप्लाई
घनी बस्तियों में कर्मचारियों के साथ होने वाले विवाद और छीना-झपटी से बचाव के लिए इस बार तकनीकी बदलाव का सहारा लिया गया। जिन उपभोक्ताओं ने अपने बिल का समय पर भुगतान कर दिया था, उनके कनेक्शन एक फेस पर ट्रांसफर कर दिए गए। इसके विपरीत जिन उपभोक्ताओं का भुगतान लंबे समय से रुका हुआ था, उन्हें बाकी बचे दो फेस पर स्थानांतरित किया गया। इसके बाद सीधे ट्रांसफार्मर से ही एलटी सर्किट बंद कर दिया गया, जिससे केवल बकायेदारों के घरों की बिजली बंद हुई और ईमानदार उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के लगातार आपूर्ति मिलती रही।
पांच संभागों के विभिन्न इलाकों में हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान विजयनगर संभाग में प्रभात नगर का 1 और चमन नगर के 2 ट्रांसफार्मर सर्किट बंद किए गए। इसी तरह दक्षिण संभाग में 2 ट्रांसफार्मरों को चिन्हित कर कार्रवाई पूरी की गई। पूर्व संभाग में 3 प्रमुख बस्तियों और उत्तर संभाग में 1 सामुदायिक भवन क्षेत्र के ट्रांसफार्मर पर यह प्रक्रिया अपनाई गई। पश्चिम संभाग के 1 बड़े रिहायशी क्षेत्र में भी इसी प्रणाली से आपूर्ति रोकी गई। इस तकनीक की वजह से बिना किसी जमीनी गतिरोध के बड़ी संख्या में डिफाल्टरों की बिजली एक साथ बंद करने में सफलता मिली।
बकायेदारों पर ड्यूज रिकवरी एक्ट के तहत शिकंजा
विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि लाइन कटने के बाद भी यदि बिल की राशि जमा नहीं की गई, तो आगामी दिनों में कानूनी प्रक्रिया तेज की जाएगी। बकायेदारों की संपत्ति कुर्क करने का खाका तैयार कर लिया गया है। पिछले अनुभवों को देखते हुए यह पाया गया था कि पोल से केबल काटने पर लोग अंधेरे का फायदा उठाकर तार वापस जोड़ लेते थे, लेकिन ट्रांसफार्मर से ही पूरा सर्किट बंद होने के कारण अब इस तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश बाकी नहीं बची है।

