पंकज स्वामी
संस्कारधानी की गलियों से मायानगरी तक चमकने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का निधन
जबलपुर। हिंदी, तेलुगु, तमिल और नेपाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता प्रदीप सिंह रावत का 74 वर्ष की आयु में मंगलवार शाम मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में ब्लड कैंसर के इलाज के दौरान निधन हो गया। उनका जन्म मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था और उन्होंने शुरुआती जीवन में जबलपुर की राइट टाउन शाखा के यूको बैंक में नौकरी की थी लेकिन अभिनय के जुनून ने उन्हें मायानगरी मुंबई खींच लिया। महाभारत धारावाहिक में अश्वत्थामा की यादगार भूमिका निभाने वाले रावत ने सरफरोश, लगान और गजनी फिल्म में खलनायक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई जिसमें गजनी धर्मात्मा का किरदार सबसे लोकप्रिय रहा। नेपाली फिल्मों आबात आमा, ह्रस्व दीर्घ और आबात आमा-2 में अभिनेत्री विपना थापा के साथ काम करने वाले रावत के निधन की पुष्टि अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर की।
बैंक की नौकरी छोड़ मुंबई का रुख किया
प्रदीप सिंह रावत का जन्म और शुरुआती जीवन मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में बीता था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा और कॉलेज की पढ़ाई जबलपुर से ही पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने जबलपुर की राइट टाउन स्थित यूको बैंक की शाखा में कुछ समय तक नौकरी भी की थी। लेकिन उनके भीतर अभिनय के प्रति एक गहरा और अटूट जुनून सुलग रहा था। बैंक की नौकरी उन्हें उनके सपनों की उड़ान भरने से रोक रही थी। आखिरकार उन्होंने बैंक की सुरक्षित नौकरी को अलविदा कह दिया और अभिनय की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाने के लिए मुंबई का रुख कर लिया। मुंबई पहुंचकर उन्हें शुरुआती दौर में कड़ा संघर्ष करना पड़ा, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत, मजबूत इरादों और दमदार अभिनय क्षमता के बल पर उन्होंने फिल्म उद्योग में धीरे-धीरे अपनी एक खास जगह बना ली और विशेष रूप से दक्षिण भारतीय सिनेमा के शीर्ष खलनायकों में अपनी मजबूत और स्थाई जगह बनाई।
खलनायक की दमदार भूमिकाओं से अमर हुए
अपने लंबे और शानदार अभिनय सफर में प्रदीप सिंह रावत ने हिंदी, तेलुगु, तमिल और नेपाली भाषाओं की कई बेहतरीन फिल्मों और धारावाहिकों में अभिनय किया। दूरदर्शन के ऐतिहासिक धारावाहिक महाभारत में उन्होंने गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा का अत्यंत सशक्त किरदार निभाया था जो आज भी दर्शकों के जेहन में जीवंत है। इसके अलावा हिंदी सिनेमा की ब्लॉकबस्टर फिल्मों जैसे सरफरोश, लगान और विशेष रूप से आमिर खान की फिल्म गजनी में निभाया गया गजनी धर्मात्मा का मुख्य खलनायक का किरदार उनके करियर का मील का पत्थर साबित हुआ। इस एक किरदार ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया था और दर्शकों ने उनकी अदायगी की दिल खोलकर तारीफ की थी। इसके साथ ही निर्देशक चंद्र पंत की नेपाली फिल्मों में भी उन्होंने बेहतरीन अभिनय किया। उनके निधन से पूरा कला जगत स्तब्ध है और विभिन्न कलाकारों ने उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की है। जबलपुर की माटी से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का लोहा मनवाने वाले इस महान कलाकार की यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।
