जबलपुर। जिले के अंतर्गत आने वाले चरगवां थाना क्षेत्र में स्थित भड़पुरा घाट पर नर्मदा नदी के तेज बहाव में बहे महाराष्ट्र निवासी 10 वर्षीय बालक लकी पाटिल का चार दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। महाराष्ट्र से भड़पुरा घाट स्थित प्रसिद्ध आश्रम में दर्शन करने पहुंचे पिता गणेश पाटिल और उनका 10 वर्षीय पुत्र लकी पाटिल पूजा-अर्चना के बाद नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने से बालक गहरे पानी में डूबने लगा, जिसे बचाने के चक्कर में पिता भी नदी की तेज लहरों में बह गए। सूचना मिलते ही स्थानीय चरगवां थाना पुलिस और राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल यानी एसडीआरएफ की विशेष टीम ने संयुक्त रूप से व्यापक स्तर पर तलाश अभियान शुरू किया।
पिता का शव 5 किलोमीटर दूर मिला था
हादसे के बाद राहत और बचाव दलों ने मोटर बोट और आधुनिक उपकरणों के सहारे नदी के जलस्तर तथा बहाव वाले विभिन्न हिस्सों में सघन खोजबीन की। निरंतर प्रयास के बाद घटनास्थल से करीब 5 किलोमीटर दूर पानी से पिता गणेश पाटिल का पार्थिव शरीर बरामद कर लिया गया। हालांकि घटना के 4 दिन पूरे होने पर भी बच्चे का कोई पता नहीं चल पाया है। पानी के तेज रुख को देखते हुए चरगवां पुलिस ने राहत दल के साथ अपना सर्चिंग दायरा बढ़ाते हुए नरसिंहपुर जिले की सीमा तक तटीय इलाकों, जलमग्न झाड़ियों और चट्टानों के पास गहन पड़ताल शुरू कर दी है। किनारे पर बसे गांवों के नाविकों व स्थानीय ग्रामीणों को भी सूचना देकर सतर्क रहने को कहा गया है ताकि बालक के बारे में तुरंत जानकारी मिल सके। परिवार के सदस्य घाट किनारे मौजूद रहकर लगातार अपने बच्चे के सकुशल मिलने की आस लगाए हुए हैं। बचाव दल के जवान निरंतर बोट से नदी के चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं।
