जबलपुर. वन विभाग की टीम और वन्य प्राणी विशेषज्ञ अवि वर्षे ने मिलकर नागपंचमी पर सपेरों से खतरनाक बड़े कोबरा सर्प बरामद किए हैं. सबसे बड़ा सांप लगभग 5 फीट का किंग कोबरा है. पकड़े गए सपेरे में दो महिलाएं, 3 बच्चे और 3 पुरुष शामिल हैं. इन सांपों को इलाज के बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
नागपंचमी पर लोग नाग के दर्शन करना शुभ मानते हैं और उनकी पूजा भी करते हैं. सांपों को दूध पिलाने का रिवाज भी है. इसी मान्यता के चलते सपेरे सांपों को जंगल से पकड़ते हैं और अपनी टोकरी में रखकर गली-गली मोहल्ले मोहल्ले घूमते हैं. हालांकि ऐसा करना गैरकानूनी है क्योंकि ना तो सांप दूध पीता है और सपेरे इन सांपों के दांत तोड़ देते हैं. उनके मुंह से सिल दिए जाते हैं. इसलिए कुछ ही दिनों में इन सांपों की मौत हो जाती है.
सांपों का इलाज होगा, फिर जंगल में छोड़ेंगे
जबलपुर में वन्य प्राणी विशेषज्ञ अवि वर्षे जबलपुर वन विभाग की टीम में शामिल हैं, जो सपेरों पर निगाह रखते हैं. जबलपुर में ऐसी कई टीमें बनाई गई हैं, जिन्हें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर सपेरे को पकडऩे के लिए तैनात किया गया है. वन्य प्राणी विशेषज्ञ अवि वर्षे ने बताया उन्होंने सुबह से अब तक 8 सांप पकड़े हैं, इनमें से सबसे बड़ा सांप लगभग 5 फीट का कोबरा है. सभी सांप कोबरा सांप हैं. सभी सांपों के मुंह सिले हुए हैं और उनके शहर के दांत तोड़ दिए जाते हैं. इन सांपों को एक साथ जबलपुर के वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक में भेजा जाएगा, जहां इन सभी सांपों के मुंह खोले जाएंगे और उन्हें प्राथमिक इलाज दिया जाएगा. इसके बाद इन्हें सुरक्षित वातावरण में छोड़ दिया जाएगा.
पचमढ़ी के पास से आते हैं ज्यादातर सपेरे
पकड़े गए सपेरे लक्ष्मण ने बताया वह नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर के पास के रहने वाले हैं. जिस 5 फीट लंबे सांप क़ो उन्होंने पकड़ा है, वह बीते दिनों एक किसान के घर में निकला था. उसी को वे लोग जबलपुर लाए थे. उन्हें बिल्कुल पता नहीं था कि सांप पकडऩा गैरकानूनी है. वे पहली बार सांप लेकर निकले थे. सोहागपुर के पास ही पचमढ़ी का जंगल है और यहां पर बड़े पैमाने पर कोबरा सांप पाए जाते हैं. सपेरे इन्हीं जंगलों से सांप पकड़ते हैं.
