जबलपुर। संस्कारधानी के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में हुए करोड़ों के ओपीडी और फीस घोटाले में गढा पुलिस को एक और कामयाबी मिली है। ओपीडी पर्ची और मेडिकल स्टूडेंट्स की फीस में हुए करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपए के इस घोटाले में गढ़ा पुलिस ने फरार आरोपी मनोहर केवट को गिरफ्तार कर लिया है।
इस जांच में पुलिस अब तक कुल 4 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इससे पहले कैश डिपार्टमेंट में काम करने वाले अरविंद धुर्वे, विशाल सराठे और भानु सिंह शाक्यवार पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। सीएसपी गढ़ा आशीष जैन ने बताया कि इस मामले में 4 लोग जेल जा चुके हैं, एक महिला साधना चंदौल अभी भी फरार हैं, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने वित्तीय अनियमतिता के संबंध में गढ़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्राथमिक जांच में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एक करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपये के वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया था।
गढ़ा थाना पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहले प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने अब 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा में छात्रों की फीस, आईपीडी, ओपीडी एवं अन्य मदों से प्राप्त नकद राशि मनी रसीद बुक के माध्यम से प्राप्त की जाती थी। कैश शाखा में वित्तीय घोटाले की जांच के लिए आंतरिक कमेटी का गठन भी किया गया था। मेडिकल कॉलेज की कमेटी की जांच के दौरान 1 अप्रैल 2020 से 30 नवंबर 2025 के बीच मनी रसीद बुक से प्राप्त राशि और निर्धारित बैंक खातों में जमा की गई राशि में अंतर पाया गया था। जांच में सामने आया कि इस अवधि दौरान 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपए की शासकीय राशि संबंधित बैंक खातों में जमा नहीं कराई गई थी।
