बताया गया है कि आकाश को आकाश को बुखार आने के बाद 4 अगस्त को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चार दिनों तक उपचार के बाद उसे 8 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद परिजन उसे गांव वापस ले गए थे। घर में चार दिन तक आकाश की तबियत ठीक थी। इसके बाद फिर उसे तेज बुखार आया, जिससे परिजन घबरा और आकाश को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां पर बीती शाम आकाश की इलाज के दौरान मौत हो गई। आकाश की मौत महामारी से हुई है या उसके गर्दन रोग के कारण, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मौत की वजह जानने के लिए उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। इधर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आकाश में गांव में फैली बीमारी जैसे कोई लक्षण नहीं थे। सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने बताया कि बच्चे की गर्दन में सूजन थी और जन्म से ही उसकी गर्दन एक तरफ झुकी हुई थी, जो गर्दन रोग का संकेत है। उन्होंने संभावना जताई कि खाना या दूध श्वास नली में जाने से उसे सांस लेने में समस्या हुई होगी, जिससे उसकी मौत हुई।
आंकड़े छिपाए जाने का आरोप-
इस मामले में बैहर विधायक व जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय उइके ने शासन-प्रशासन पर मौत के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया है। विधायक ने कहा कि आकाश के इलाज में लापरवाही बरती गई है और जिम्मेदार अधिकारी इस संवेदनशील मामले में अपनी गलतियों और आंकड़ों को छिपाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।