जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा रेलमंडल में भारत की पहली वंदे भारत फ्रेट ट्रेन चौमहला-शामगढ़-गुरला सेक्शन पर ट्रायल रन के दौरान 145 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ी। ट्रेन के कोच चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा बनाए गए हैं। इस ट्रेन का ट्रायल अलग-अलग स्पीड पर इसकी परफॉर्मेंस और सुरक्षा की जांच करने के लिए किया गया। ट्रेन का टेस्ट खाली हालत में किया गया, जिसमें रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइज़ेशन और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री की टीमें मौजूद थीं। ट्रायल में इमरजेंसी ब्रेकिंग टेस्ट और अलग-अलग स्पीड पर ट्रेन की मूवमेंट की जांच भी शामिल थी।
कोटा डिवीज़न के सीनियर डिवीज़नल कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन के अनुसार फ्रेट रेक का ऑसिलेशन ट्रायल खाली हालत में सफलतापूर्वक किया गया है। ट्रायल के दौरान अलग-अलग स्पीड पर ट्रेन की मूवमेंट और स्टेबिलिटी की जांच की गई। इसमें अधिकतम स्पीड 145 किमी प्रति घंटा तक पहुंची। टीम ने इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस का भी टेस्ट किया।
यह ट्रायल ज़ोन के नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर सेक्शन की अप और डाउन दोनों लाइनों पर किया गया। फ्रेट में वंदे भारत-बेस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया और इसमें 20ण्32.टन एक्सल लोड वाली बोगियां हैं। ट्रायल का मकसद रेक की स्टेबिलिटी, ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और अलग-अलग स्पीड पर मूवमेंट की जांच करना था।
