भोपाल. केंद्र सरकार ने राज्य के मौजूदा मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त कर दिया है। इस उच्च स्तरीय निर्णय के साथ ही प्रदेश के सबसे बड़े प्रशासनिक पद पर अब नए सिरे से नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिस पर पूरे मंत्रालय और प्रशासनिक हलकों की निगाहें टिकी हुई हैं।
केंद्र सरकार की नियुक्ति समिति ने अनुराग जैन की नियुक्ति को लेकर सोमवार देर रात आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि श्री जैन नीति आयोग के नए सीईओ के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। यह नियुक्ति उनके द्वारा नए पद का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। सामान्यत: ऐसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यभार ग्रहण करने में कुछ समय लगता है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में उम्मीद है कि श्री जैन जल्द ही अपनी नई भूमिका संभालेंगे।
अनुराग जैन की मुख्य सचिव की जिम्मेदारी होगी समाप्त
जारी आदेश के मुताबिक, अनुराग जैन जैसे ही नीति आयोग में सीईओ का पदभार ग्रहण करेंगे, मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में उनकी मौजूदा जिम्मेदारियां स्वत: ही समाप्त हो जाएंगी। यह एक मानक प्रक्रिया है जिसके तहत एक अधिकारी के केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने या नई जिम्मेदारी संभालने पर राज्य सरकार में उनका पद रिक्त हो जाता है। इसके बाद उन्हें दो साल की अवधि के लिए अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, नीति आयोग के सीईओ के रूप में अपनी सेवाएं देनी होंगी।
नए मुख्य सचिव की तलाश तेज
अनुराग जैन के केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने और नीति आयोग जैसे महत्वपूर्ण संस्थान का नेतृत्व संभालने के बाद, मध्यप्रदेश सरकार के सामने अब नए मुख्य सचिव की नियुक्ति का तात्कालिक कार्य आ गया है। मुख्य सचिव का पद राज्य के प्रशासन की धुरी होता है, और इस पर नियुक्ति एक संवेदनशील तथा महत्वपूर्ण निर्णय होता है, जिस पर राज्य के विकास की गति निर्भर करती है।
