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जनसंख्या नियंत्रण पर जोर:बच्चों के जन्म के बीच अन्तराल जरूरी



जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग ने छेड़ा जनसंख्या नियंत्रण का अभियान

जबलपुर। जबलपुर में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 11 से 18 जुलाई 2026 तक चलने वाले विशेष जनजागरूकता पखवाड़े का शनिवार को भव्य आगाज हुआ। सेठ गोविंददास जिला चिकित्सालय परिसर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ और रैली को शहर के लिए रवाना किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में जनसंख्या स्थिरीकरण, बेहतर परिवार नियोजन और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना है। इस मौके पर डॉ. जया श्रीवास्तव, डॉ. कमलेश कुमार वर्मा, डॉ. पंकज ग्रोवर, आरएमओ डॉ. वैशाली खन्ना, जिला मीडिया अधिकारी अजय कुरील, अस्पताल प्रबंधक अरुण शाह, विनीता सोनी, जितेन्द्र सोनकर, विकास श्रीवास्तव, बृजेश मिश्रा, प्रणय खरे, इंद्रभान सहित नर्सिंग कॉलेज का स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इन सात दिनों में जिलेभर में शिविरों और कार्यक्रमों के जरिए स्वस्थ परिवार का संदेश घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।

गर्भधारण में सही अंतराल है खुशहाल जीवन का आधार

​सीएमएचओ डॉ. कोठारी ने बताया कि इस बार की थीम माँ और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए गर्भधारण के बीच सुरक्षित समय और अंतर रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वस्थ माँ और स्वस्थ बच्चे के लिए दो बच्चों के बीच पर्याप्त फासला रखना बहुत जरूरी है। अभियान के दौरान विभाग द्वारा विवाह के बाद संतान पैदा करने का सही समय, बच्चों के जन्म में उचित अंतर, प्रसव के बाद परिवार नियोजन के साधनों का उपयोग और इसमें पुरुषों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा। विभाग द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर विशेष परिवार नियोजन सेवा शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें स्थायी और अस्थायी साधनों के बारे में लोगों को जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। ये प्रयास न केवल अनचाहे गर्भ को रोकेंगे, बल्कि परिवार की आर्थिक और सामाजिक खुशहाली में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।

नसबंदी शिविरों के जरिए परिवार नियोजन को बढ़ावा

​विश्व जनसंख्या दिवस के शुभारंभ के दिन ही सेठ गोविंददास जिला चिकित्सालय में विशेष परिवार नियोजन सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जितेन्द्र सोनकर के मार्गदर्शन में चिकित्सा टीम ने नसबंदी ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पूरे दिन चले इस शिविर में 2 पुरुषों ने नसबंदी कराई, वहीं 21 महिलाओं के एलटीटी ऑपरेशन किए गए। स्वास्थ्य विभाग की इस सक्रियता से यह स्पष्ट है कि जिले के नागरिक अब परिवार नियोजन के महत्व को समझ रहे हैं और नसबंदी जैसे स्थायी साधनों को अपना रहे हैं। आगामी सप्ताह के दौरान भी विभाग इसी प्रकार के शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को परिवार नियोजन के दायरे में लाने का लक्ष्य रखेगा ताकि जिले में जनसंख्या नियंत्रण का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके।

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