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साइबर अपराधों की चुनौती से लड़ने तैयार ट्रांसको की टीम

 



जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के जबलपुर स्थित शक्ति भवन मुख्यालय में साइबर सिक्योर 2026 अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य साइबर पुलिस जबलपुर की टीम ने पावर सेक्टर के कार्मिकों को डिजिटल दौर में सतर्क रहने के गुर सिखाए। उप पुलिस अधीक्षक उमाकांती आर्मो के मार्गदर्शन में विशेषज्ञों ने डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड और साइबर ठगी के आधुनिक तरीकों से बचाव पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में एसएलडीसी के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता और एमपी ट्रांसको के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी डॉ हिमांशु श्रीवास्तव सहित लगभग 150 अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। कल्पना धुर्वे द्वारा संचालित इस सत्र में सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन सुरक्षा बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।

ऊर्जा क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सावधानियां

​कार्यक्रम के दौरान साइबर विशेषज्ञ सब इंस्पेक्टर मोहित पांडे ने पावर सेक्टर के बुनियादी ढांचे को साइबर खतरों से बचाने की महत्ता समझाई। उन्होंने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र डिजिटल होने के कारण अधिक संवेदनशील है और यहां सुरक्षा में थोड़ी सी चूक बड़ी बाधा बन सकती है। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत आधिकारिक पोर्टल पर रिपोर्ट करने का सुझाव दिया। वहीं साइबर विशेषज्ञ राज शर्मा ने एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में सामने आ रही नई चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल प्रमाणित वेबसाइटों का ही उपयोग करना चाहिए और संचार साथी ऐप जैसी सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाना चाहिए। फर्जी ईमेल और अनजान लिंक पर क्लिक करने से होने वाले नुकसान के बारे में भी उन्होंने विस्तार से जानकारी दी। डिजिटल लेनदेन करते समय पिन और पासवर्ड साझा न करने की सलाह देते हुए विशेषज्ञों ने मोबाइल एप्स के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर दिया।

साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्कता ही उपाय

​कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्मिकों को यह समझाना था कि डिजिटल दुनिया में सजगता ही सबसे बड़ा बचाव है। विशेषज्ञों ने डिजिटल अरेस्ट जैसे नए प्रकार के अपराधों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम पर आने वाले डराने वाले कॉल से घबराएं नहीं। पावर सेक्टर की कार्यप्रणाली को निर्बाध रखने के लिए कर्मचारियों का साइबर शिक्षित होना बेहद आवश्यक है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से न केवल कर्मचारियों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के लिए प्रेरित किया गया बल्कि उन्हें यह भी बताया गया कि कैसे वे अपने कार्यस्थल और व्यक्तिगत जीवन में डिजिटल ठगी को मात दे सकते हैं। अंत में सभी ने साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

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