जबलपुर। जबलपुर सहित पूरे मध्य प्रदेश में अब परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली बदलने की तैयारी है। विभाग अब सड़क पर वाहनों की जांच के लिए वर्दीधारी जवानों और जरूरी अमले को तैनात करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए राज्य सरकार से अंतिम अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। वर्तमान में आरटीओ का जांच दस्ता शहरी सीमा में स्कूली और अन्य यात्री वाहनों की चेकिंग करता है। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह आती है कि सामान्य स्टाफ जब वाहनों को रुकने का इशारा करता है, तो चालक वाहन नहीं रोकते हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण यह है कि जांच दल में शामिल कार्यालयीन कर्मचारी अक्सर सादी वर्दी में होते हैं, जिससे वाहन चालकों को संशय होता है। इस बदलाव से प्रवर्तन कार्रवाई और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
वर्दीधारी जवान करेंगे अब सड़कों पर वाहन जांच
अक्सर यह देखने में आता है कि नियम विरुद्ध चल रहे सार्वजनिक यातायात वाले वाहनों की जांच के दौरान विभाग को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आरटीओ द्वारा चलाए जाने वाले जांच दलों में अभी कार्यालय के नियमित कर्मचारी शामिल किए जाते हैं, जिनके पास वर्दी नहीं होती है। वर्दी न होने के कारण वाहन चालक हाथ देने पर आसानी से नहीं रुकते हैं, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वाले लोग निकल भागते हैं। वर्दीधारी अमला मिलने से वाहनों को रोकने में आसानी होगी और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन बेहतर तरीके से हो पाएगा।
कार्रवाई को मिलेगी नई मजबूती
सरकार से अनुमति मिलने के बाद इस नई व्यवस्था को आरटीओ कार्यालय में लागू किया जाएगा। वर्दीधारी जवानों के आने से विभाग का जांच दस्ता ज्यादा सशक्त और अनुशासित दिखेगा। इससे आम जनता और वाहन चालकों के बीच भी स्पष्ट संदेश जाएगा कि वे एक अधिकृत सरकारी टीम के सामने हैं। यह बदलाव न केवल अवैध परिवहन पर लगाम लगाने में सहायक होगा, बल्कि सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था को भी चुस्त-दुरुस्त बनाएगा। विभाग को उम्मीद है कि इस सुधार से प्रवर्तन गतिविधियों की सफलता दर में बढ़ोतरी होगी।
