जबलपुर। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने बिजली व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए एक कड़ा निर्णय लिया है। अब बिजली लाइनों और सबस्टेशनों के रख-रखाव के कार्यों में केवल वही ठेकेदार काम कर सकेंगे जिनके नाम पर कार्य आदेश जारी किया गया है। कंपनी प्रबंधन को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ अधिकृत ठेकेदार कार्य का ठेका तो ले लेते हैं, लेकिन मौके पर काम किसी दूसरे व्यक्ति या अन्य एजेंसी से करवाते हैं। इसे कंपनी ने नियमों का गंभीर उल्लंघन और कार्य की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ माना है। इस नई व्यवस्था के तहत कंपनी ने सभी मैदानी अधिकारियों को यह स्पष्ट कर दिया है कि कार्यस्थल पर केवल अधिकृत ठेकेदार की उपस्थिति और उसके द्वारा काम किया जाना अनिवार्य होगा, ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
अब बिना किसी बिचौलिये के होगा विद्युत कार्य
कंपनी ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी सूरत में कार्य का सबलेटिंग यानी काम किसी दूसरे को सौंपना पूरी तरह वर्जित होगा। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अक्सर अन्य व्यक्तियों से काम करवाने के कारण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होती थी और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो पाता था। अब कंपनी के फील्ड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यस्थलों का औचक निरीक्षण करेंगे। यदि कहीं भी अधिकृत ठेकेदार के अलावा कोई अन्य व्यक्ति काम करता पाया जाता है, तो मौके पर ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में ठेकेदार का पंजीयन रद्द करने, सुरक्षा राशि जब्त करने और भविष्य के सभी निविदाओं से बाहर यानी ब्लैकलिस्ट करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने वाले अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी ने अपने अधिकारियों को भी सीधे तौर पर जवाबदेह बनाया है। यदि किसी क्षेत्र में बिना अधिकृत ठेकेदार के काम हो रहा है और वहां के अधिकारी ने उसे नहीं रोका, तो उस अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। कंपनी का मानना है कि इस व्यवस्था से कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा और उपभोक्ता सेवाओं में आने वाली बाधाएं कम होंगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करना ही कंपनी की प्राथमिकता होगी। यह कदम बिजली क्षेत्र में काम करने वाली एजेंसियों को अनुशासित करने और काम में पूरी ईमानदारी लाने के लिए उठाया गया है। 06 जुलाई 2026 को जारी यह निर्देश तत्काल प्रभाव से पूरे क्षेत्र में लागू कर दिए गए हैं।
